चंदौली में मिशन शक्ति अभियान जारी, फेज-5 के तहत महिलाओं और बालिकाओं की जागरूकता पर जोर

अभियान का मुख्य संदेश था कि महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की अभद्रता या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
 

चंदौली में मिशन शक्ति अभियान फेज-5 का आयोजन

महिला और बालिकाओं को सशक्त बनाने पर जोर

विभिन्न थाना क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

अभद्र टिप्पणी करने वाले 3 आरोपियों पर कार्रवाई

चंदौली जिले में 26 सितंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशानुसार जिले में महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण एवं सुरक्षा के लिए मिशन शक्ति अभियान फेज-5.0 का आयोजन किया गया। इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है।

आपको बता दें कि अभियान के तहत थाना सैयदराजा में नेशनल इंटर कॉलेज, थाना चंदौली में मझवार रेलवे स्टेशन के पास, थाना शहाबगंज में ग्राम केराडीह, थाना धीना और कन्दवा में ग्राम चिलबिली, थाना बलुआ में ग्राम नादी निधौरा और थाना बबुरी में दुर्गा गर्ल्स डिग्री कॉलेज में महिलाओं और बालिकाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की समस्याओं के समाधान के लिए चौपाल भी आयोजित की गई, जिससे उन्हें सशक्त एवं सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके।

बताते चलें कि अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं को देखकर अभद्र टिप्पणी करने वाले कुल तीन आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। 25 सितंबर को थाना शहाबगंज पुलिस टीम ने अनुज कुमार (पुत्र टेंगरी राम, ग्राम बड़गांवा) के खिलाफ मुक़दमा अपराध संख्या 114/2025, धारा 296 बीएनएस में मामला दर्ज किया। वहीं, थाना मुगलसराय पुलिस टीम ने राकेश कुमार (पुत्र श्याम राज) और अभिषेक प्रजापति (पुत्र शंकर प्रजापति) के खिलाफ मुक़दमा अपराध संख्या 473/2025, धारा 296 बीएनएस में अभियोग दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार किया। सभी मामलों में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला योजना, महिला शरणालय, शक्ति सदन और सखी निवास जैसी योजनाओं के लाभ और सेवाओं की जानकारी दी गई।

साथ ही महिलाओं और बालिकाओं के संरक्षण से जुड़े कानूनों जैसे घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013, दहेज निषेध अधिनियम 1961 (संशोधित 1986) और गर्भधारण पूर्व एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम 1994 के प्रमुख प्रावधानों के बारे में जागरूक किया गया।

अभियान में महिला पुलिस कर्मियों ने नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्र के कार्य, उद्देश्य और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी भी साझा की। अभियान का मुख्य संदेश था कि महिलाओं और बालिकाओं के खिलाफ किसी भी प्रकार की अभद्रता या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए महिला पुलिस कर्मियों ने महिलाओं और बालिकाओं को आत्मविश्वास के साथ अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया। इस अभियान से जिले में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद मिली।