चंदौली में मिशन शक्ति फेज-5.0 के तहत महिलाओं और बालिकाओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

इस पहल के माध्यम से पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं को न केवल जागरूक किया, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सशक्त वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।
 

चंदौली में मिशन शक्ति फेज-5.0 का आयोजन

जनपद के सभी थानों में चौपाल आयोजित

महिला अधिकार और सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी गई

चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप पुलिस अधीक्षक चंदौली आदित्य लांग्हे के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों में कम्युनिटी पुलिसिंग और महिला सशक्तिकरण के तहत “मिशन शक्ति” अभियान (फेज-5.0) के अंतर्गत महिलाओं और बालिकाओं के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षित, सशक्त और जागरूक बनाना है।

आपको बता दें कि कार्यक्रम का आयोजन विभिन्न थानों द्वारा किया गया, जिसमें शामिल हैं: थाना शहाबगंज में गांधी स्मारक इण्टर कालेज, थाना इलिया पर थाना इलिया, थाना बलुआ में वाल्मिकी इण्टर कालेज बलुआ, थाना मुगलसराय में थाना मुगलसराय, थाना अलीनगर में थाना अलीनगर, थाना कन्दवा में थाना कन्दवा और थाना नौगढ़ में कम्पोजिट विद्यालय थाना नौगढ़। इन कार्यक्रमों में महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों और सुरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक किया गया।

इस दौरान महिलाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला योजना, महिला शरणालय, शक्ति सदन और सखी निवास जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही उन्हें घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न निवारण अधिनियम 2013, दहेज निषेध अधिनियम 1961 (संशोधित 1986), गर्भधारण एवं प्रसवपूर्व लिंग चयन प्रतिषेध अधिनियम 1994 जैसे प्रमुख कानूनों के प्रावधानों के बारे में अवगत कराया गया।

इसके अलावा, जनता को थाना स्थानीय पर नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्र की सेवाओं, उद्देश्यों और उपलब्ध कराई जाने वाली सहायता के बारे में भी जानकारी दी गई। इस पहल के माध्यम से पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं को न केवल जागरूक किया, बल्कि उन्हें सुरक्षित और सशक्त वातावरण प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए।

मिशन शक्ति फेज-5.0 अभियान के माध्यम से चंदौली पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा और सम्मान को प्राथमिकता दी जाए और उन्हें न्यायोचित सहायता उपलब्ध कराई जा सके।