चंदौली में मिशन शक्ति फेज-5 : महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा व सशक्तिकरण के लिए विशेष अभियान जारी
 

थाना स्थानीय स्तर पर नवस्थापित मिशन शक्ति केन्द्र का कार्य, उद्देश्य और उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के बारे में भी महिलाओं और बालिकाओं को विस्तार से बताया गया।
 

मिशन शक्ति फेज-5.0 का चंदौली में शुभारंभ

महिलाओं और बालिकाओं को सुरक्षा का प्रशिक्षण

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जागरूकता अभियान

चंदौली जिले में 28 सितंबर 2025 को उत्तर प्रदेश शासन की मंशा के अनुरूप पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों में “मिशन शक्ति” अभियान (फेज-5.0) के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह अभियान कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत चलाया जा रहा है और इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं/बालिकाओं को सशक्त, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाना है।

इस अभियान के तहत, मुगलसराय, धानापुर, बबुरी, धीना, चंदौली, सैयदराजा, सकलडीहा, कन्दवा, बलुआ, चकरघट्टा और अलीनगर थाना क्षेत्रों में एंटीरोमियो टीमों ने चौपालें लगाकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक किया। कार्यक्रमों में महिला संबंधी समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया, महिलाओं की सुरक्षा के उपाय और उनके अधिकारों के प्रति जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में महिलाओं को मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, पति की मृत्युपरांत निराश्रित महिला योजना, शक्ति सदन, महिला शरणालय और सखी निवास जैसी योजनाओं की जानकारी दी गई।

साथ ही, महिलाओं और बालिकाओं को संरक्षण देने वाले प्रमुख कानूनों जैसे घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013, दहेज निषेध अधिनियम 1961 और गर्भाधान पूर्व एवं प्रसवपूर्व निदान तकनीक अधिनियम 1994 के प्रावधानों के बारे में भी जानकारी साझा की गई।

थाना स्थानीय स्तर पर नवस्थापित मिशन शक्ति केन्द्र का कार्य, उद्देश्य और उपलब्ध कराई जाने वाली सेवाओं के बारे में भी महिलाओं और बालिकाओं को विस्तार से बताया गया।

पुलिस विभाग का यह कदम महिलाओं और बालिकाओं को समाज में सशक्त और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। इसके माध्यम से क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही महिलाओं को उनके अधिकार और सुरक्षा के प्रति प्रशिक्षित किया जा रहा है।