चंदौली में गड़ई नदी खुदाई घोटाले की चर्चा तेज: सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने डीएम को लिखी चिट्ठी, जांच होने तक भुगतान रोकने की मांग

 

चंदौली में गड़ई नदी की खुदाई और जल निकासी परियोजनाओं में बड़े घोटाले की चर्चा गर्म है। सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने डीएम को कड़ा पत्र लिखकर जांच होने तक कंपनी का भुगतान रोकने की बड़ी मांग की है।

 
 

गड़ई नदी खुदाई में घोटाले की चर्चा

सांसद वीरेंद्र सिंह ने लिखा पत्र

कंपनी का भुगतान रोकने की मांग

बारिश से पहले जांच की चेतावनी

चंदौली जिले में गड़ई नदी और अन्य जल निकासी परियोजनाओं की खुदाई व गहरीकरण के काम में इन दिनों गड़बड़ी की चर्चाएं काफी तेज हैं। आम जनता से मिल रही लगातार शिकायतों के बाद अब समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने इस मामले में कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सांसद ने सीधे चंदौली के जिलाधिकारी (डीएम) को एक आधिकारिक पत्र लिखकर इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।

सांसद वीरेंद्र सिंह ने इस मुद्दे को लेकर अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भी एक पोस्ट साझा की है, जिससे जिले की राजनीति गरमा गई है। लोग अब सोशल मीडिया पर चटखारे लेकर पूछ रहे हैं कि 'देखिए अब डीएम साहब इस मामले पर कितना लोड लेते हैं' और 'क्या सिर्फ लेटर लिखने से सांसद की मांग पूरी हो पाएगी?'

जब तक जांच पूरी न हो, तब तक कार्यदायी कंपनी का पेमेंट रोका जाए
सांसद ने जिलाधिकारी को भेजे अपने पत्र में साफ तौर पर लिखा है कि गड़ई नदी और अन्य जल निकासी परियोजनाओं की खुदाई में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आ रही हैं। उन्होंने मांग की है कि जब तक इस पूरे मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक काम कर रही संबंधित कार्यदायी कंपनी का सारा सरकारी भुगतान (पेमेंट) तुरंत रोक दिया जाए।

अपने पत्र में सांसद वीरेंद्र सिंह ने 'दिशा' (DISHA) कमेटी की हालिया बैठक का भी हवाला दिया है। उन्होंने कहा कि उस बैठक में भी सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह उम्मीद जताई थी कि इस पूरी परियोजना की जांच किसी सक्षम और बड़े अधिकारी से कराई जानी चाहिए, क्योंकि इस काम को लेकर आम जनता के बीच काफी नाराजगी और जनशिकायतें हैं।

मानसून आने से पहले हो फिजिकल वेरिफिकेशन, वरना पानी में बह जाएंगे सबूत
सांसद ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि वर्षा ऋतु यानी मानसून की बारिश शुरू होने से ठीक पहले इन सभी निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन (सत्यापन) हो जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने इसके पीछे एक बड़ा कारण भी बताया है।

सांसद का कहना है कि एक बार जब तेज बारिश शुरू हो जाएगी और नदी-नालों में पानी भर जाएगा, तो उसके बाद जमीन पर हुई किसी भी गड़बड़ी या भ्रष्टाचार का पता लगाना और उसका सत्यापन करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। अब देखना यह है कि सांसद की इस गंभीर चिट्ठी के बाद जिला प्रशासन गड़ई नदी की जांच के लिए क्या कदम उठाता है।