सपा सांसद वीरेंद्र सिंह की NHAI चेयरमैन को दोटूक: विंध्य एक्सप्रेस-वे किसानों को कम मुआवजा मिला तो करेंगे विरोध
चंदौली के सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने NHAI चेयरमैन से मुलाकात कर विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों की जमीन अधिग्रहण का मुद्दा उठाया। उन्होंने दक्षिण भारत के राज्यों की तर्ज पर भारी-भरकम मुआवजा देने और योजना रद्द करने की मांग की।
सांसद वीरेंद्र सिंह की NHAI चेयरमैन से मुलाकात
विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण का विरोध
किसानों को दक्षिण की तर्ज पर मिले उचित मुआवजा
15 साल से सर्किल रेट न बढ़ने पर उठाए सवाल
हक न मिलने पर सपा करेगी जोरदार आंदोलन
चंदौली जिले के समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने संसद में नियम 377 के तहत किसानों की जमीन को बेहद कम कीमत पर विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए अधिग्रहित करने का मुद्दा उठाया था। कैबिनेट के इस फैसले का विरोध करते हुए सांसद वीरेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के चेयरमैन डॉ. संतोष यादव से मुलाकात कर किसानों का पक्ष मजबूती से रखा।
15 साल से नहीं बढ़ा सर्किल रेट, किसानों को हो रहा भारी नुकसान
सांसद वीरेंद्र सिंह ने NHAI चेयरमैन को बताया कि क्षेत्र में पिछले करीब 15 सालों से जमीनों का सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया है। इसके कारण भूमि अधिग्रहण कानून में चार गुना मुआवजा देने के प्रावधान के बावजूद किसानों को बाजार दर (मार्केट रेट) से बहुत कम कीमत मिल रही है। यह सीधे तौर पर उत्तर प्रदेश के किसानों के साथ अन्याय है।
योजना रद्द करने और दक्षिण भारत की तर्ज पर मुआवजे की मांग
सपा सांसद ने मांग रखी कि इस योजना को रद्द किया जाए और केवल भारतमाला परियोजना को जोड़ने वाली सड़क का ही निर्माण हो, जो जमानिया से गाजीपुर होकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से मिलती है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत के राज्यों में भूमि अधिग्रहण के लिए 30 से 40 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर का मुआवजा दिया जाता है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह सिर्फ 2 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर है। यूपी के किसानों के साथ ऐसा सौतेला व्यवहार क्यों हो रहा है?
मुआवजा न बढ़ने पर आंदोलन और विरोध की दी चेतावनी
सांसद ने NHAI चेयरमैन से मांग की कि वे तत्काल चंदौली के जिलाधिकारी से वार्ता करें और दक्षिण के राज्यों की तरह 20 से 25 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा तय कराएं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि किसानों को इससे कम मुआवजा देने की कोशिश की गई, तो समाजवादी पार्टी किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन करेगी और एक्सप्रेस-वे का पूरा विरोध किया जाएगा।