चंदौली के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, 'धान के कटोरे' को सींचने के लिए शुरू हुई नरायनपुर पंप कैनाल
चंदौली के किसानों के लिए राहत की खबर है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग के निर्देश पर नरायनपुर पंप कैनाल को चालू कर दिया गया है, जिससे धान की नर्सरी और रोपाई के लिए सैकड़ों गांवों को पानी मिलेगा।
धान के कटोरे को मिला पानी
डीएम चंद्र मोहन गर्ग का निर्देश
21 जून से शुरू हुई कैनाल
टेल तक पानी पहुंचाने की कोशिश
एशिया की बड़ी लिफ्ट सिंचाई परियोजना
'धान का कटोरा' कहे जाने वाले चंदौली जिले के किसानों के लिए एक बहुत अच्छी खबर है। धान की नर्सरी और रोपाई के इस जरूरी मौसम में नरायनपुर पंप कैनाल को चालू कर दिया गया है। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने किसान दिवस के मौके पर अन्नदाताओं से बातचीत करने के बाद इस कैनाल को 21 जून से चलाने का आदेश दिया था, जिसके बाद नहर में पानी छोड़ दिया गया है। अब जल्द से जल्द आखिरी छोर (टेल) तक पानी पहुँचाने की तैयारी है।
एशिया की बड़ी सिंचाई परियोजना
नरायनपुर पंप कैनाल एशिया की सबसे बड़ी सिंगल स्टेज लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं में से एक है। यह मिर्जापुर में गंगा नदी से 1800 क्यूसेक से ज्यादा पानी उठाकर मिर्जापुर और चंदौली के लगभग 600 से अधिक गांवों तक पहुँचाती है। इससे इलाके की करीब 96,000 हेक्टेयर खेती वाली जमीन की सिंचाई होती है, जिसमें चंदौली का एक बहुत बड़ा हिस्सा शामिल है।
धान की खेती को मिलेगा सहारा
चंदौली और सैयदराजा जैसे इलाकों में खेती पूरी तरह से इसी कैनाल और इससे जुड़ी छोटी नहरों (माइनरों) पर निर्भर है। इस बार नहर प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए इसमें आधुनिक पंपसेट और आईओटी (IoT) व एआई (AI) आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम भी लगाया गया है। इस पानी के आने से किसानों को धान की नर्सरी डालने और रोपाई करने में आ रही दिक्कतें अब दूर हो जाएंगी।