मातृ मृत्यु-दर में सुधार लाने के लिए सरकार की विशेष पहल, जारी किया गया 104 टोल फ्री नंबर

 

मातृ मृत्यु-दर में गुणात्मक सुधार लाने व सही आंकड़ों की जानकारी  के उद्देश्य से शासन द्वारा नई पहल की शुरूआत जनपद में की गयी है। इसके तहत मातृ-मृत्यु  की सूचना देने वालों को एक हजार रुपये  आनलाइन उनके खाते में भेजा जाएगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वी पी द्विवेदी ने बताया कि गर्भवती की प्रसव के पूर्व व प्रसव के दौरान मौत होती है तो इसकी सूचना टोल फ्री नंबर 104 पर देने वालों को एक हजार रुपये  प्रदान किये  जाएंगे।


अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/ एनएचएम डाॅ आर बी शरण ने कहा -  शासन स्तर से मृत्यु की सूचना में गुणात्मक सुधार के लिए यह बेहद ही महत्वपूर्ण पहल है।  जन समुदाय से कोई या फिर मृतक का परिवार जन या आशा,आंगनवाड़ी भी टोल फ्री नंबर पर 104  पर सूचना दे सकता है। मृतक महिला का नाम, आयु व पति का नाम, घर का पता बताना अनिवार्य है,  जिसके तहत प्रथम सूचना देने वाले व्यक्ति को उसके खाते में एक हजार रुपया आनलाइन भेजा जाएगा। मातृ मृत्यु की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य केन्द्र पर तैनात प्रभारी चिकित्साधिकारी व डाक्टर को मौत के कारण की रिपोर्ट एक सप्ताह में सीएमओ कार्यालय में जमा करनी  होगी ।


मातृत्व स्वास्थ्य परामर्शदाता मनोज कुमार ने बताया कि अप्रैल 2021 से लेकर अब तक जिले में 25 गर्भवती की मृत्यु की सूचना दी गई हैं। सूचना के उपरांत सामुदायिक आधारित ऑडीट की गई ।  सामुदायिक स्तर पर मातृ मृत्यु यानी की गर्भवास्था से लेकर प्रसव के 42 दिनों के अंदर महिला कि मृत्यु होने कि सबसे पहले सूचना देने वाले व्यक्ति को एक हजार रुपए की धनराशि उसके बैंक खाते में ऑनलाइन ट्रांसफर की जायेगी। जिले के समस्त प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व उपकेंद्र के साथ ही चिकित्सालयों पर टोल फ्री नंबर 104 अंकित किये  जाने की सूचना जारी कर दी गयी है।