चंदौली मेडिकल कॉलेज में अगले सत्र से शुरू होंगे नर्सिंग में एडमिशन, 9.92 करोड़ से बन रहा सरकारी नर्सिंग कॉलेज

 

चंदौली के बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में 9.92 करोड़ की लागत से बन रहे सरकारी नर्सिंग कॉलेज का 40% काम पूरा हो चुका है। अगले सत्र से 60 सीटों पर दाखिले शुरू होंगे। जानिए पूरी खबर।

 
 

चंदौली सरकारी नर्सिंग कॉलेज निर्माण कार्य

बाबा कीनाराम मेडिकल कॉलेज परिसर नौबतपुर

अगले सत्र से नर्सिंग में दाखिला

9.92 करोड़ लागत 60 सीटें निर्धारित

चंदौली जिले के युवाओं के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। जिले में अब नर्सिंग की पढ़ाई के लिए छात्र-छात्राओं को दूसरे शहरों या महंगे प्राइवेट कॉलेजों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। बिहार सीमा पर स्थित नौबतपुर के बाबा कीनाराम स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय परिसर में ही एक आधुनिक सरकारी नर्सिंग कॉलेज का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है।

9.92 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा कॉलेज भवन
देश के 112 आकांक्षी जिलों में शामिल चंदौली को बेहतर चिकित्सा और शिक्षा सुविधाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। शासन की ओर से इस नए नर्सिंग कॉलेज के निर्माण के लिए 9.92 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। निर्माण एजेंसी तेजी से काम पूरा कराने में जुटी है, ताकि निर्धारित समय पर कक्षाएं शुरू की जा सकें।

अब तक 40 फीसदी निर्माण कार्य हुआ पूरा
शासन की तरफ से इस परियोजना के लिए मिली 3.33 करोड़ रुपये की पहली किश्त से अब तक करीब 40 फीसदी निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित सिंह का कहना है कि बाकी बचे काम को भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। जैसे ही भवन का निर्माण संपन्न होगा, दाखिले की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

अगले सत्र से 60 सीटों पर मिलेगी एंट्री
शासन की मंशा है कि एक ही परिसर में मेडिकल और नर्सिंग दोनों की पढ़ाई साथ-साथ हो सके। नए नर्सिंग कॉलेज में कुल 60 सीटें निर्धारित की गई हैं। इन सीटों पर दाखिला मिलने के बाद छात्र-छात्राओं को बहुत ही कम सरकारी फीस में उच्च गुणवत्ता वाली नर्सिंग शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।

अत्याधुनिक सुविधाएं और हॉस्टल की व्यवस्था
नर्सिंग कॉलेज में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के रहने के लिए परिसर के भीतर ही हॉस्टल की उत्तम व्यवस्था होगी। इसके साथ ही आधुनिक पठन-पाठन की तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। फिलहाल इस मेडिकल कॉलेज में पिछले दो वर्षों से एमबीबीएस (MBBS) की कक्षाएं सफलतापूर्वक चलाई जा रही हैं।

संबद्ध अस्पताल में मिलेगा प्रैक्टिकल का मौका
नर्सिंग की पढ़ाई करने वाले छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का भी पूरा मौका मिलेगा। कॉलेज से संबद्ध अत्याधुनिक सुविधाओं वाले अस्पताल में विद्यार्थी वरिष्ठ डॉक्टरों और विशेषज्ञों की देखरेख में मरीजों की देखभाल करने का हुनर सीखेंगे। इससे उनका व्यावहारिक अनुभव काफी बेहतर होगा।