ओलंपियन शिवपाल सिंह को जेल भेजने का विरोध, क्षत्रिय महासभा ने दी चेतावनी, डीएम को ज्ञापन सौंपा 

चंदौली में ओलंपियन भाला फेंक खिलाड़ी शिवपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद हड़कंप मच गया है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने पुलिस पर बड़ी साजिश का आरोप लगाते हुए डीएम से निष्पक्ष जांच की मांग की है और न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

 

ओलंपियन शिवपाल सिंह की गिरफ्तारी पर विवाद

बलुआ थानाध्यक्ष पर साजिश रचने का आरोप

क्षत्रिय महासभा ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

निष्पक्ष जांच न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी

चंदौली जिले में अंतरराष्ट्रीय भाला फेंक (जैवलीन थ्रो) खिलाड़ी और ओलंपियन शिवपाल सिंह की गिरफ्तारी के बाद मामला गरमा गया है। इस कार्रवाई से नाराज अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा (युवा) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचा। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह की अगुवाई में पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग से मुलाकात की।

पुलिस पर लगा बड़ी साजिश का आरोप
प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। क्षत्रिय महासभा के नेताओं का सीधा आरोप है कि बलुआ थाना अध्यक्ष ने एक सोची-समझी साजिश के तहत शिवपाल सिंह को जेल भेजा है। संगठन का कहना है कि पुलिस की इस एकतरफा और पक्षपातपूर्ण कार्रवाई से खिलाड़ी के सुनहरे खेल करियर पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है।

देश का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ी के साथ अन्याय
प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि धानापुर थाना क्षेत्र के हिगुतरगढ़ गांव के रहने वाले शिवपाल सिंह कोई आम शख्स नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं। उन्होंने ओलंपिक जैसी दुनिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता सहित कई इंटरनेशनल मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व किया है और देश के लिए पदक जीते हैं।

थाना प्रभारी की भूमिका पर उठे गंभीर सवाल
महासभा ने आरोप लगाया कि एक पुराने मामले में गिरफ्तारी करने के बाद पुलिस ने जानबूझकर शिवपाल सिंह पर कई अन्य मुकदमे भी लाद दिए और उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस के इस रवैए से चंदौली के स्थानीय लोगों और खेल प्रेमियों में भारी गुस्सा है। संगठन ने बलुआ थाना प्रभारी की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।

करियर तबाह करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं
क्षत्रिय महासभा का कहना है कि अगर किसी खिलाड़ी पर कोई आरोप लगता है, तो उसकी कानूनी तरीके से पूरी जांच होनी चाहिए। लेकिन किसी के खेल जीवन को पूरी तरह खत्म करने के इरादे से कार्रवाई करना बिल्कुल गलत है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच हो और निर्दोष पाए जाने पर शिवपाल सिंह को तुरंत न्याय मिले।

जिलाधिकारी ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा
प्रतिनिधिमंडल की पूरी बात सुनने के बाद जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। डीएम ने कहा कि संगठन की तरफ से मिले ज्ञापन का पूरा परीक्षण कराया जाएगा। मामले की जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और यदि जांच में शिवपाल सिंह दोषी नहीं पाए जाते हैं, तो नियमानुसार जरूरी कदम उठाए जाएंगे। डीएम के इस आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने न्याय की उम्मीद जताई है