नरवन के लाल को सम्मानित करके बढ़ाया मान, सिविल सेवा में हुए थे सेलेक्ट
 

इस मौके पर सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने कहा कि पीसीएस में चयनित होकर पीसीएस अधिकारियों ने अपनी प्रतिभा का परचम फहराया है। नरवन के लाल के इस कमाल से गांव और क्षेत्र ही नहीं पूरा जनपद अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

 
 

रामधारी सिंह दिनकर सेवा समिति का आयोजन

गोरखा हनुमान मंदिर परिसर में कार्यक्रम

 विधायक सुशील सिंह भी रहे मौजूद

चन्द्रप्रकाश गौतम, दुर्गेश दीप व अमन कुमार सिंह का सम्मान 
 

चंदौली जिले के बरहनी विकास खण्ड के गोरखा हनुमान मंदिर परिसर में शनिवार को रामधारी सिंह दिनकर सेवा समिति द्वारा कलम के सिपाहियों के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया गया,    जिसमें पीसीएस में चयनित चन्द्रप्रकाश गौतम, दुर्गेश दीप, अमन कुमार सिंह व सेवानिवृत शिक्षक अनिल सिंह, रामकिशुन जायसवाल आदि को मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथि द्वारा स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।

इस दौरान विशिष्ट अतिथि डॉ हरेन्द्र राय ने कहा कि पीसीएस में चयनित होकर चन्द्र प्रकाश गौतम, दुर्गेश दीप, अमन कुमार सिंह ने पूरे जनपद का मान बढ़ाया है। नरवन के लाल ने आज यह साबित कर दिया है कि गांव में भी शिक्षा ग्रहण कर ऊंचे ओहदे पर पहुंचा जा सकता है। 

इस मौके पर सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने कहा कि पीसीएस में चयनित होकर पीसीएस अधिकारियों ने अपनी प्रतिभा का परचम फहराया है। नरवन के लाल के इस कमाल से गांव और क्षेत्र ही नहीं पूरा जनपद अपने को गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

रामधारी सिंह दिनकर सेवा समिति के सचिव व जिला पंचायत सदस्य पति मृत्युंजय सिंह दीपू ने कहा कि हमारे क्षेत्र के युवाओं को आगे बढ़ने से और जोश बढ़ेगा और इनको उर्जा मिलेगी। निश्चित रूप हम संघर्ष करते रहेंगे। आगे बढ़ते रहेंगे। कहा कि कलम की ताकत से पुरी दुनिया पर अपना हुनर दिखाया जा सकता है और कहा कि  पत्रकार देश के चौथे स्तम्भ व कलम के सिपाही हैं, जो कि आइने की तरह   अपने कलम के माध्यम से देश को खबरें पढ़ाते रहते हैं।

शिक्षक संघ ब्लाक अध्यक्ष यशवर्धन सिंह ने कहा कि युवाओं में शिक्षा की एक अलख जगती दिख रही है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। इस दौरान बृजेश सिंह, योगेन्द्र सिंह, राहुल सिंह, रघुराज प्रताप सिंह, यशवर्धन सिंह, अनिल सिंह, रामकिशुन जायसवाल, सुनील सिंह, महेन्द्र सिंह आदि लोग रहे। अध्यक्षता गिरधारी राजभर व  संचालन भूपेंद्र सिंह ने किया।