कीटनाशक विक्रेताओं के लिए IPMS पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य, नहीं तो होगी सख्त कार्रवाई

 

चंदौली में अब सभी थोक और फुटकर कीटनाशक विक्रेताओं को आईपीएमएस पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य है। कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि समय रहते रजिस्ट्रेशन न कराने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 
 

आईपीएमएस पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य

कीटनाशक विक्रेताओं के लिए गाइडलाइंस

बिना रजिस्ट्रेशन कारोबार पर कार्रवाई

कीटनाशी अधिनियम 1968 के तहत आदेश

चंदौली कृषि रक्षा अधिकारी का निर्देश

चंदौली  जनपद में कीटनाशकों की बिक्री और उनके उपयोग को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से शासन ने बड़ा फैसला लिया है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी स्नेह प्रभा ने एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से जिले के सभी थोक और फुटकर कीटनाशक विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि उन्हें अब आईपीएमएस (IPMS) पोर्टल पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।

पंजीकरण के बिना कार्रवाई तय
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना पंजीकरण के कीटनाशक का कारोबार करने वाले किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे विक्रेताओं पर 'कीटनाशी अधिनियम 1968' की सुसंगत धाराओं के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने जिले के समस्त थोक व फुटकर विक्रेताओं के साथ ही संबंधित कंपनियों को भी इस निर्देश का तत्काल अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा है।

कैसे करें पंजीकरण?
विक्रेताओं को अपना पंजीकरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.ipms.gov.in पर जाकर पूरा करना होगा। पंजीकरण प्रक्रिया के लिए निम्नलिखित दस्तावेज और जानकारी आवश्यक है:

सक्रिय मोबाइल नंबर

वैध लाइसेंस नंबर

ई-मेल आईडी

विभाग ने यह भी कहा है कि यदि किसी विक्रेता, डीलर या विनिर्माता को पोर्टल पर पंजीकरण करने में कोई तकनीकी समस्या आती है, तो वे सीधे कृषि रक्षा अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

विक्रेताओं की स्वयं होगी जिम्मेदारी
जिला कृषि रक्षा अधिकारी स्नेह प्रभा ने सभी विक्रेताओं से अपील की है कि वे शासन के निर्देशों का गंभीरता से पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि चेकिंग के दौरान किसी भी विक्रेता का पंजीकरण पोर्टल पर नहीं पाया गया, तो संबंधित विक्रेता पर कीटनाशी अधिनियम के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। ऐसी स्थिति में संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित विक्रेता की स्वयं की होगी। विभाग का उद्देश्य व्यवसाय में पारदर्शिता लाना और किसानों को सुरक्षित कीटनाशक उपलब्ध कराना है, इसलिए सभी कारोबारियों को समय रहते अपनी पंजीकरण प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।