सांसदजी-विधायकजी देखिए ऐसे बह रही विकास की गंगा, इस मानक से बन रही है सड़कें

किसानों का कहना है कि जिस तरह से ठेकेदार मनमाने तरीके से सड़क का निर्माण कर रहा है। वह पहली बारिश में ही धुल जाएगी। स्थानीय लोगों के बार-बार कहने के बावजूद भी ईमानदारी से काम नहीं किया जा रहा है।
 

भाजपा सरकार को बदनाम कर रहा है ठेकेदारों-अफसरों का गठजोड़

कुछ जनप्रतिनिधि भी दे रहे हैं ठेकेदारों को संरक्षण

खामोश बने रहते हैं सत्तापक्ष के लोग

देख लीजिए सैयदराजा विधानसभा में सड़क का हाल  


चंदौली जिले में लोक निर्माण विभाग के द्वारा सड़कों की मरम्मत और निर्माण कार्य में मानकों की जमकर अनदेखी हो रही है। कई बार स्थानीय लोग और किसान इस बात का विरोध करते हैं, उसके बाद भी ठेकेदार और विभागीय अधिकारी मनमानी पर उतारू हैं और बिना मानक की सड़कों का निर्माण धुआंधार तरीके से जारी है।

इसी तरह की शिकायत मिलने के बाद असना गांव में लोक निर्माण विभाग की ओर से बनाई जा रही लगभग 2 किलोमीटर सड़क को किसानों ने विरोध करते हुए रुकवा दिया है। असना गांव में किसान नेता रविंद्र सिंह उर्फ मुन्ना ने शनिवार को गांव में बनने वाली सड़क को इसीलिए रुकवा दिया था, ताकि अधिकारी अपनी आंखों से आकर इस निर्माण कार्य की गुणवत्ता को जांच परख लें। कमीशनखोर अधिकारी व सेटिंगबाज ठेकेदार जनता की आंख में धूल झोंककर गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

 किसानों का कहना है कि जिस तरह से ठेकेदार मनमाने तरीके से सड़क का निर्माण कर रहा है। वह पहली बारिश में ही धुल जाएगी। स्थानीय लोगों के बार-बार कहने के बावजूद भी ईमानदारी से काम नहीं किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि ठेकेदार न तो सड़क पर ठीक से गिट्टी डाल रहा है और न ही उस पर रोलर चला रहा है। ऐसी स्थिति में इस सड़क की गुणवत्ता भगवान भरोसे है।

 जीरो टॉलरेंस और इमानदारी से विकास काम कराने की बात इस सड़क पर खोखली साबित हो रही है। भारतीय जनता पार्टी के विधायक और सांसद को इस बात का ध्यान देना चाहिए कि उनके यहां निर्माण कार्य किस स्तर का हो रहा है और ठेकेदार आखिर इस तरह की मनमानी क्यों कर रहे हैं, लेकिन सांसद और विधायक को कौन कहे उनके प्रतिनिधि भी इस तरह की चीजों से अंजान बने हुए हैं और इसीलिए जनपद में ठेकेदार और अफसर जमकर विकास कार्यों के लिए आने वाले पैसे की बंदरबांट कर रहे हैं।