चंदौली में आबकारी विभाग ही करा रहा शराब की कालाबाजारी? दलील सुन पुलिस भी हैरान
चंदौली के सैयदराजा में आबकारी विभाग के एक अस्थायी शराब भंडारण केंद्र से अवैध बिक्री का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। पुलिस ने 235 पैकेट शराब के साथ एक महिला को दबोचा, जिसके बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अस्थायी शराब भंडारण केंद्र पर उठे सवाल
महिला के पास 235 पैकेट शराब बरामद
आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर खड़े सवाल
क्षेत्राधिकारी देवेंद्र कुमार ने शुरू की जांच
नियमों के विपरीत शराब बेचने का आरोप
चंदौली जिले के सैयदराजा थाना क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सीधे तौर पर आबकारी विभाग को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है। क्षेत्र में स्थित गंगा ढाबा और फैमिली रेस्टोरेंट के बिल्कुल बगल में संचालित हो रहे एक अस्थायी शराब भंडारण केंद्र (गोदाम) से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से शराब बेचने की गोपनीय सूचना पुलिस को मिली थी।
इस सूचना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए जब पुलिस टीम ने मौके पर छापेमारी की, तो अवैध शराब के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके से एक महिला को गिरफ्तार किया, जिसके कब्जे से कुल 235 पैकेट अवैध शराब बरामद की गई है।
गिरफ्तार महिला की निशानदेही पर खुली परतें
पुलिस द्वारा हिरासत में ली गई महिला से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। महिला ने कबूल किया कि बरामद की गई शराब की यह खेप उसने उसी बगल में स्थित अस्थायी भंडारण केंद्र से हासिल की थी। महिला के इस बयान और उसकी निशानदेही के आधार पर जब पुलिस टीम तफ्तीश के लिए मौके पर पहुंची, तो पता चला कि यह गोदाम आबकारी विभाग द्वारा महज दो महीने की अवधि के लिए अस्थायी रूप से स्वीकृत किया गया था।
स्थानीय ग्रामीणों और सूत्रों का आरोप है कि इस तथाकथित भंडारण केंद्र की आड़ में लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से शराब की अवैध बिक्री और कालाबाजारी का खेल खेला जा रहा था। क्षेत्र में लगातार इस बात की शिकायतें मिल रही थीं कि यहाँ से अवैध रूप से शराब की सप्लाई की जा रही है।
आबकारी इंस्पेक्टर ने दी सफाई
महिला की गिरफ्तारी और इतनी बड़ी संख्या में शराब के पैकेट मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर क्षेत्राधिकारी (सीओ) देवेंद्र कुमार ने खुद इस पूरे प्रकरण की कमान संभाल ली है और जांच शुरू कर दी है। सीओ देवेंद्र कुमार का कहना है कि संबंधित स्थल पर आबकारी विभाग का अस्थायी गोदाम जरूर स्वीकृत है, लेकिन यदि वहां से नियमों के विरुद्ध खुले बाजार या तस्करों को शराब बेची जा रही है, तो यह एक बेहद गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई होगी और आबकारी विभाग को भी रिपोर्ट भेजी जाएगी।
दूसरी तरफ, खुद को घिरता देख आबकारी इंस्पेक्टर सदर ने अपना बचाव करते हुए दलील दी है कि उक्त स्थान का उपयोग केवल शराब के भंडारण के लिए किया जाता है और वहां से किसी भी प्रकार की बिक्री नहीं की जाती है। हालांकि, पुलिस की जांच और महिला के बयानों के बाद उठे सुलगते सवालों ने इस पूरे मामले को गरमा दिया है और अब स्थानीय जनता की नजरें जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।