सैयदराजा नगर पंचायत में करोड़ों का घोटाला? सीएम योगी के दरबार पहुंची शिकायत तो सड़कों और कूड़ेदान की होने जा रही जांच

 

चंदौली की सैयदराजा नगर पंचायत में सरकारी धन के बंदरबांट का बड़ा मामला सामने आया है। पूर्व चेयरमैन की मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी के खिलाफ वित्तीय अनियमितताओं की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है।

 
 

मुख्यमंत्री दरबार पहुंची सैयदराजा नगर पंचायत की शिकायत

चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी पर मिलीभगत का आरोप

अच्छी सड़कों को तोड़कर दोबारा निर्माण कराने का दावा

पुरानी इंटरलॉकिंग ईंटों के पुनः उपयोग में धांधली

कूड़ेदान बांटकर वापस लेने की योजना में बड़ा फर्जीवाड़ा

चंदौली जिले के अंतर्गत आने वाली आदर्श नगर पंचायत सैयदराजा में विकास कार्यों और सरकारी धन के बंदरबांट के गंभीर आरोपों ने अब तूल पकड़ लिया है। इस मामले में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष शंकर प्रसाद जायसवाल द्वारा सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दरबार में शिकायत दर्ज कराई गई थी। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मामले का कड़ा संज्ञान लेने और जिलाधिकारी कार्यालय को निर्देश भेजने के बाद स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर अपर जिलाधिकारी (ADM) स्तर से इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

चेयरमैन और अधिशासी अधिकारी (EO) पर मिलीभगत कर राजस्व को चपत लगाने का आरोप
पूर्व चेयरमैन शंकर प्रसाद जायसवाल ने वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष और अधिशासी अधिकारी (ईओ) पर आपस में मिलीभगत करने का सीधा आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि दोनों की शह पर विकास कार्यों के नाम पर व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितताएं और धांधली की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी बजट का दुरुपयोग कर व्यक्तिगत लाभ कमाया जा रहा है, जिससे राज्य सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंच रहा है। पूर्व चेयरमैन ने इस पूरे गठजोड़ की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की मांग की है।

बनी-बनाई सड़कों को तोड़कर नया टेंडर जारी करने और ईंटों के दोबारा इस्तेमाल का खेल
मुख्यमंत्री को सौंपे गए शिकायत पत्र में यह साफ उल्लेख किया गया है कि नगर पंचायत क्षेत्र के कई वार्डों में पहले से ही सुदृढ़ और अच्छी स्थिति में बनी सड़कों तथा नालियों को जानबूझकर तोड़ा जा रहा है। विकास कार्यों के नाम पर अनावश्यक और फर्जी खर्च दिखाकर सरकारी धन को ठिकाने लगाया जा रहा है। इसके साथ ही, वार्ड संख्या-3 हजरत मोहिनी नगर सहित कई अन्य इलाकों में पुरानी इंटरलॉकिंग ईंटों को उखाड़कर दूसरी जगहों पर लगाया जा रहा है, जबकि सरकारी कागजों और फाइलों में इन्हें नया निर्माण कार्य दर्शाकर पूरा भुगतान उठाया जा रहा है।

तस्वीर खिंचवाकर वापस ले लिए गए कूड़ेदान, सभासदों ने भी खोला मोर्चा
इस कथित भ्रष्टाचार में कूड़ेदान वितरण योजना का मामला भी बेहद चौंकाने वाला है। शिकायत के अनुसार, नगर पंचायत के सभी 13 वार्डों में जनता को कूड़ेदान वितरित करते हुए तस्वीरें खिंचवाई गईं और प्रचार किया गया। लेकिन, फोटो खिंचवाने के तुरंत बाद उन कूड़ेदानों को वापस ले लिया गया। इस योजना में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा होने की आशंका जताई गई है। गौरतलब है कि इस मामले में पूर्व चेयरमैन से पहले कई मौजूदा सभासदों ने भी सात अलग-अलग बिंदुओं पर वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था, लेकिन स्थानीय स्तर पर कार्रवाई न होने के कारण मामला लखनऊ तक पहुंचा।

जांच रिपोर्ट पर टिकी जनता की नजरें, दोषियों पर लटकी कार्रवाई की तलवार
सैयदराजा नगर पंचायत में हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक जांच शुरू होने के बाद से ही पूरे चंदौली जिले और राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। स्थानीय जनता की निगाहें अब जिला प्रशासन की इस जांच प्रक्रिया और शासन को भेजी जाने वाली अंतिम रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। शिकायतकर्ता और क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में हो रही इस निष्पक्ष जांच से भ्रष्टाचार की परतें खुलेंगी। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों, ठेकेदारों और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों पर बड़ी गाज गिरना तय माना जा रहा है।