सैयदराजा पुलिस ने किया फर्जी छिनैती का पर्दाफाश, रिकवरी एजेंटों से विवाद के बाद टेंपो मालिक ने बुनी थी झूठी कहानी

 

चंदौली के सैयदराजा में टेंपो की किस्त न भरने पर रिकवरी एजेंटों द्वारा वाहन पकड़ने को मालिक ने डायल 112 पर 'फर्जी छिनैती' बता दिया। जांच में पुलिस ने सच्चाई का पर्दाफाश करते हुए झूठी सूचना देने वाले टेंपो मालिक और चालक पर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

 
 

सैयदराजा थाना क्षेत्र में फर्जी छिनैती की सूचना का खुलासा

बजाज फाइनेंस की 9 महीने से नहीं भरी गई थी टेंपो की किस्त

रिकवरी एजेंटों से विवाद के बाद डायल 112 पर दी झूठी सूचना

फर्जी सूचना देने वाले प्रेम जायसवाल और मोहन गुप्ता पर होगी कार्रवाई

फाइनेंस कंपनी के कर्मचारियों को पुलिस और सीओ की सख्त चेतावनी

चंदौली जनपद के सैयदराजा थाना क्षेत्र में पुलिस को गुमराह करने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां पुलिस ने छिनैती (लूट) की एक फर्जी सूचना का चंद घंटों में ही पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की सघन जांच में पूरा मामला मनगढ़ंत और आपसी विवाद का पाया गया। पुलिस को झूठी सूचना देकर गुमराह करने के आरोप में अब टेंपो मालिक प्रेम जायसवाल और चालक मोहन गुप्ता के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जा रही है।

9 महीने से नहीं भरी गई थी किस्त, एजेंटों ने पकड़ा था वाहन
पुलिस के अनुसार, शनिवार को टेंपो मालिक प्रेम जायसवाल ने पुलिस के आपातकालीन नंबर 'डायल 112' पर फोन कर अपनी गाड़ी छिनैती की सूचना दी थी। सूचना मिलते ही पुलिस फौरन मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की।

जांच में सामने आया कि जिस टेंपो की छिनैती की बात कही जा रही है, वह वास्तव में 'बजाज फाइनेंस' (Bajaj Finance) कंपनी द्वारा फाइनेंस कराया गया था। पिछले 9 महीनों से उसकी ईएमआई (किस्त) जमा नहीं की गई थी। इसी बकाए के चलते फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंटों द्वारा वाहन को सीज करने की कार्रवाई की जा रही थी।

छोड़ने के एवज में मांगे थे 2500 रुपये, घबराकर दी झूठी सूचना
कड़ाई से पूछताछ करने पर प्रेम जायसवाल ने पुलिस को बताया कि उसने यह टेंपो इमामुल नामक व्यक्ति से खरीदा था और बाद में उसे मोहन गुप्ता को 80 हजार रुपये में बेच दिया था। शनिवार को फाइनेंस एजेंसी के लोगों ने वाहन को पकड़ लिया और उसे छोड़ने के लिए 2500 रुपये की मांग की। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया, जिससे घबराकर प्रेम जायसवाल ने पुलिस को छिनैती की झूठी सूचना दे दी। पुलिस के मौके पर पहुंचते ही एजेंसी के लोग अपनी एक गाड़ी वहीं छोड़कर फरार हो गए।

फाइनेंस कर्मचारियों को भी दी गई सख्त हिदायत
सैयदराजा थाना प्रभारी अशोक मिश्रा ने बताया कि मामले की सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस को झूठी सूचना देने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी अभय यादव, पंकज पाल सहित अन्य को भी सख्त हिदायत दी है कि भविष्य में किसी भी वाहन को सीज करने से पहले संबंधित थाने को अनिवार्य रूप से सूचना देनी होगी। सदर क्षेत्राधिकारी (सीओ) ने भी स्पष्ट किया है कि झूठी सूचना देना और अवैध तरीके से वाहन जब्त करना, दोनों ही बेहद गंभीर मामले हैं; ऐसा करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।