सेल टैक्स विभाग की मनमानी, बिल-बाउचर होने के बावजूद ट्रक रोकने का आरोप, कबाड़ लदे ट्रकों पर सेल टैक्स की कार्रवाई

 

चंदौली में सेल टैक्स विभाग की कार्रवाई से वाहन चालकों और व्यापारियों में भारी आक्रोश है। आरोप है कि पूरे बिल-बाउचर होने के बावजूद पुरानी टैक्स चोरी बताकर ट्रकों पर जुर्माना लगाया जा रहा है।

 
 

सेल टैक्स विभाग की कार्रवाई से वाहन स्वामी नाराज

सोनभद्र से कानपुर जा रहे कबाड़ लदे ट्रक पकड़े

डॉफी टोल प्लाजा से नौबतपुर लाए गए दोनों ट्रक

वैध बिल-बाउचर होने के बावजूद पुराने कागजात मांगे

सेल टैक्स अधिकारी विजय त्रिपाठी ने दी जांच की सफाई

चंदौली जनपद से सेल टैक्स विभाग की कथित मनमानी को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां माल ढोने वाले वाहन स्वामियों और स्थानीय व्यापारियों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जताई है। आरोप है कि सेल टैक्स विभाग के अधिकारी अपने निर्धारित कार्यक्षेत्र से बाहर जाकर वाहनों की बेवजह जांच कर रहे हैं और चालकों को परेशान कर रहे हैं। चालकों का कहना है कि माल का पूरा टैक्स जमा होने और सभी वैध बिल-बाउचर पास में होने के बावजूद पुराने कागजात मांगकर गाड़ियां रोकी जा रही हैं।

सोनभद्र से कानपुर जा रहे कबाड़ लदे ट्रकों को जबरन रोकने का आरोप
घटना की जानकारी देते हुए वाहन चालक राम सिंह ने बताया कि सोनभद्र के औड़ी मोड़ से दो ट्रकों में कबाड़ लादकर कानपुर ले जाया जा रहा था। इस माल का पूरा टैक्स चुकाया गया था और परिवहन से संबंधित सभी जरूरी बिल-बाउचर चालकों के पास मौजूद थे। इसके बावजूद सेल टैक्स विभाग की टीम ने गाड़ियों को रोक लिया। चालक का कहना है कि ट्रकों को डॉफी टोल प्लाजा पार करने के बाद पकड़ा गया और वहां से करीब 40 किलोमीटर दूर नौबतपुर बिहार बॉर्डर स्थित सेल टैक्स पोस्ट पर लाया गया।

40 किलोमीटर दूर ले जाने का खर्च 
वाहन स्वामियों का कहना है कि गाड़ियों को 40 किलोमीटर दूर नौबतपुर ले जाने और वापस लाने का पूरा टोल टैक्स और डीजल का खर्च मजबूरी में उन्हें ही उठाना पड़ा। चालकों ने आरोप लगाया कि जब वर्तमान माल से जुड़े सारे कागजात अफसरों को दिखा दिए गए, तो उन्होंने पुरानी टैक्स चोरी का हवाला देना शुरू कर दिया। अफसरों द्वारा पुराने बिल-बाउचर और पिछले लेन-देन से जुड़े कागजातों की मांग की जाने लगी। विवाद बढ़ने पर विभाग ने पुराने मामले में टैक्स चोरी दिखाकर जुर्माना ठोक दिया, जिससे कारोबारी बेहद खफा हैं।

विभागीय प्रक्रिया पर व्यापारियों ने उठाए गंभीर सवाल
व्यापारियों और वाहन स्वामियों का कहना है कि अगर किसी व्यापारी का पुराना टैक्स मामला पेंडिंग है या किसी पुराने लेन-देन की जांच करनी है, तो नियमानुसार नोटिस जारी कर संबंधित व्यापारी से लिखित जवाब मांगा जाना चाहिए। इस तरह रास्ते में माल से भरे ट्रकों को रोककर चालकों को परेशान करना पूरी तरह अनुचित है। वैध कागजात होने के बावजूद गाड़ियां रोके जाने से माल पहुंचने में देरी होती है और अनावश्यक आर्थिक बोझ बढ़ता है, जिससे पूरे व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है।

पुराने टैक्स चोरी की जांच का मामला
वहीं दूसरी ओर इस पूरे विवाद पर विभागीय पक्ष रखते हुए सेल टैक्स अधिकारी विजय त्रिपाठी ने बताया कि यह कार्रवाई पुरानी टैक्स चोरी से जुड़े एक मामले की जांच के तहत की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी तथ्य और प्रमाण सामने आएंगे, उसी के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, वाहन स्वामियों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस पूरी कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए और रोड पर वैध कागजात के साथ चल रही गाड़ियों को बेवजह न रोका जाए।