चंदौली में लगेगी विशेष लोक अदालत : आपसी सुलह से मिनटों में निपटेंगे कोर्ट-कचहरी के हजारों मामले
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चंदौली में 'समाधान समारोह 2026' विशेष लोक अदालत अभियान शुरू हो गया है। 21 से 23 अगस्त तक चलने वाली इस अदालत में मुकदमों के त्वरित निस्तारण के लिए 31 मई तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकते हैं।
समाधान समारोह 2026 विशेष अभियान
21 अप्रैल से शुरू हुआ अभियान
21 से 23 अगस्त लोक अदालत
31 मई तक करें ऑनलाइन आवेदन
ऑनलाइन व ऑफलाइन सुलह बैठकें
माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार और उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से चंदौली जिले में विधिक साक्षरता का बड़ा अभियान शुरू किया गया है। जनपद न्यायाधीश व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष दिवाकर प्रसाद चतुर्वेदी के कुशल मार्गदर्शन तथा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती निकिता गौड़ के कुशल निर्देशन में 'समाधान समारोह 2026' (विशेष लोक अदालत) को लेकर जन-जागरूकता एवं सहभागिता बढ़ाने हेतु एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस के मुताबिक, यह विशेष जागरूकता अभियान 21 अप्रैल 2026 से ही प्रारंभ हो चुका है, जो आगामी 21, 22 एवं 23 अगस्त 2026 को आयोजित होने वाली तीन दिवसीय विशेष लोक अदालत के साथ संपन्न होगा। इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित उपयुक्त मामलों का आपसी सहमति, सुलह-समझौते और मध्यस्थता के माध्यम से त्वरित व स्थायी निस्तारण सुनिश्चित करना है।
गूगल फॉर्म से 31 मई तक कर सकते हैं आवेदन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव श्रीमती निकिता गौड़ ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत वादकारियों (मुकदमेबाजों) एवं सम्मानित अधिवक्ताओं को अपने लंबित मामलों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर सम्मिलित होने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने सभी संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाते हुए आपसी सहमति से अपने पुराने विवादों को हमेशा के लिए समाप्त करें।
इच्छुक वादकारी निर्धारित गूगल फॉर्म लिंक के माध्यम से आगामी 31 मई 2026 तक अपना आवेदन ऑनलाइन सबमिट कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, वादों के प्री-लिटिगेशन और लंबित स्तर पर निपटारे के लिए विभिन्न स्तरों पर स्थापित मध्यस्थता केंद्रों में नियमित सुलह बैठकों का आयोजन किया जाएगा। इन बैठकों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पक्षकार अपनी सुविधानुसार ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन, दोनों ही माध्यमों से घर बैठे या कोर्ट आकर भाग ले सकते हैं। सचिव ने आमजन से इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल में अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराने और न्याय को सरल, सुलभ व शीघ्र बनाने में सहयोग करने की अपील की है।