माता श्रृंगार गौरी का दर्शन करने जा रहे शिव सैनिक गिरफ्तार, 2 घंटे बाद किए गए रिहा
 

शिव सैनिकों को वाराणसी जाने से रोक लिया और शिवसैनिक जाने की ज़िद पर अड़े रहे तो थोड़ी देर तक हल्की-फुल्की नोकझोंक के बाद सभी शिवसैनिकों को कोतवाली ले कर आए।
 

जलाभिषेक करने काशी विश्वनाथ जाने की तैयारी

कचहरी के पास हुयी गिरफ्तारी

2 घंटे के बाद निजी मुचलके पर रिहा

चंदौली जिले में जलाभिषेक करने के लिए वाराणसी जाने की तैयारी करते समय शिवसैनिकों गिरफ्तार करने के बाद रिहा कर दिया गया। शिव सैनिकों का कहना है कि हिंदू धर्म के ग्रंथों और शास्त्रों में लिखा गया है कि बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक के साथ माता श्रृंगार गौरी का भी दर्शन जरूरी है, लेकिन शासन प्रशासन द्वारा माता श्रृंगार गौरी को कैद करके रखा गया है। सबकी यही मांग है कि उन्हें मुक्त किया जाए और दर्शन के लिए भक्तों को जाने दिया जाय।

हर की तरह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अंतर्गत सभी शिवसैनिक सकलडीहा त्रिमुहानी पुलिस चौकी के पास एकत्रित होकर रचना सिंह के नेतृत्व में वाराणसी के लिए रवाना हो रहे थे। तभी  कचहरी के पास सदर कोतवाल राजीव सिंह पहले से बैरीकेडिंग लगाकर खड़े थे। शिव सैनिकों को वाराणसी जाने से रोक लिया और शिवसैनिक जाने की ज़िद पर अड़े रहे तो थोड़ी देर तक हल्की-फुल्की नोकझोंक के बाद सभी शिवसैनिकों को कोतवाली ले कर आए। लगभग 2 घंटे के बाद निजी मुचलके पर सबको रिहा किया गया।

गिरफ्तारी देने वालों में अजय पासवान, श्वेता सिंह, शकुंतला मौर्य, निरंजन सिंह, रामाश्रय तिवारी, राकेश गुप्ता, श्रीकांत गुप्ता, प्रीति सिंह, कपिल प्रजापति, मदन भारती, अनुराग मिश्रा, पंकज केसरी, राम प्रकाश राय, संजीव कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह, संजय कुमार गौड़, डब्लू यादव, अश्वनी कांत तिवारी, गुड्डू सोनकर, राम दूल्हा, जैनेंद्र तिवारी, विकास मौर्य, निहाल तिवारी, राजू जयसवाल आदि कार्यकर्ता उपस्थित थे।