SP आकाश पटेल की पहली क्राइम मीटिंग में शपथ: इन कार्यों पर पुलिस का होगा जोर, कई पेंडिंग मामलों के लिए बना दिया 'ब्लूप्रिंट'
नवागत एसपी आकाश पटेल ने कार्यभार संभालते ही जनपद के समस्त थाना प्रभारियों के साथ पहली अपराध गोष्ठी की। उन्होंने हाईवे पर तस्करी रोकने, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण और पीड़ितों के साथ मानवीय व्यवहार करने के कड़े निर्देश दिए हैं।
नवीन पुलिस लाइन में पहली अपराध गोष्ठी संपन्न
जन-शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर
हाईवे स्थित थानों को तस्करी रोकने के निर्देश
पुलिसकर्मियों के व्यवहार की होगी विशेष मॉनिटरिंग
गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीटरों पर कसेगा शिकंजा
चंदौली की कमान संभालते ही नवागत पुलिस अधीक्षक (SP) आकाश पटेल पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। 31 मार्च की रात पदभार ग्रहण करने के अगले ही दिन, 1 अप्रैल 2026 को उन्होंने नवीन पुलिस लाइन स्थित सभागार में जिले के समस्त थाना प्रभारियों और शाखा प्रभारियों के साथ पहली अपराध गोष्ठी (Crime Meeting) आयोजित की। इस बैठक के जरिए एसपी ने अपनी कार्यप्रणाली और प्राथमिकताओं का स्पष्ट खाका पेश कर दिया है।
जन-सुनवाई में 'क्वालिटी' पर जोर
एसपी आकाश पटेल ने स्पष्ट किया कि थानों पर आने वाले फरियादियों की शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रार्थना पत्र का तत्काल रजिस्टर में अंकन हो और उसकी जांच धरातल पर जाकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना पुलिस की पहली जिम्मेदारी है।
दुर्व्यवहार पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस की छवि को लेकर गंभीर दिखे नवागत कप्तान ने चेतावनी दी कि आम जनता के साथ पुलिस का व्यवहार अत्यंत मर्यादित और संवेदनशील होना चाहिए। उन्होंने दो टूक कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी द्वारा जनता से अभद्रता की शिकायत मिली, तो उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। पुलिसकर्मियों के आचरण की अब नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी।
हाईवे पर तस्करी और अपराधियों पर नकेल
जनपद की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए, नेशनल हाईवे (NH) पर स्थित थानों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। गोवंश, शराब और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय करने और बैरियर लगाकर सघन चेकिंग करने को कहा गया है। साथ ही, चिन्हित अपराधियों के विरुद्ध गुंडा एक्ट और हिस्ट्रीशीटरों (HS) की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लंबित विवेचनाओं पर जताई नाराजगी
थानों में अनावश्यक रूप से लंबित पड़ी विवेचनाओं (Pending Investigations) पर एसपी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को सूची तैयार कर साक्ष्यों के आधार पर तत्काल आरोप पत्र (Charge Sheet) या अंतिम रिपोर्ट (Final Report) प्रेषित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विवेचनाओं में विलंब पीड़ितों के साथ अन्याय के समान है।
त्वरित निर्णय की स्वतंत्रता
एक महत्वपूर्ण निर्देश में एसपी ने फील्ड अधिकारियों को विषम परिस्थितियों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर ही 'इमीडिएट डिसीजन' (त्वरित निर्णय) लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों को अपने विवेक का उपयोग करने की छूट दी जाएगी ताकि किसी भी आकस्मिक घटना को समय रहते संभाला जा सके।
गोष्ठी में अपर पुलिस अधीक्षक अनन्त चन्द्रशेखर, स्नेह तिवारी और सभी क्षेत्राधिकारी सहित जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे। अंत में एसपी ने सभी को ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने की शपथ दिलाई।