जोनल प्रतियोगिता में सेंट जॉन्स को मिला स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक मिला
 

छात्राओं ने एक गोल्ड ,तीन सिल्वर तथा एक कांस पदक हासिल कर विद्यालय  नाम रोशन करने का कार्य किया। वहीं खेल के मनोबल को आगे बढ़ाया।
 

जोनल प्रतियोगिता में आकृति  को मिला गोल्ड मेडल

वैष्णवी-आस्था व आकांक्षा ने जीता सिल्वर

अदिति ने कांस्य पदक जमाया कब्जा

चंदौली जिले के कटसिला स्थिति सेंट जॉन्स स्कूल के बच्चों ने  वाराणसी  के BLW स्थित सेंट जॉन्स स्कूल में तीन दिवसीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में अपने बेहतरीन प्रदर्शन  कर विद्यालय को एक गोल्ड, तीन सिल्वर एवं  एक कांस्य मेडल हासिल किया तथा जोनल प्रतियोगिता में विद्यालय का नाम रोशन किया।

बता दें कि वाराणसी के  बीएलडब्लू स्थित सेंट जॉन्स स्कूल में जोनल प्रतियोगिता  19 जुलाई से 21 जुलाई तक आयोजित की गई थी। आईसीएससीई बोर्ड  के  19 विद्यालयों की छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिसमें चंदौली जिले के कटसिला स्थित सेंट जॉन्स विद्यालय के छात्राओं का बेहतरीन प्रदर्शन रहा। हालांकि छात्रों को इस प्रतियोगिता में कोई कामयाबी नहीं मिली, लेकिन छात्राएं मेडल दिलाने में कामयाब रहीं।

वही छात्राओं ने एक गोल्ड ,तीन सिल्वर तथा एक कांस पदक हासिल कर विद्यालय  नाम रोशन करने का कार्य किया। वहीं खेल के मनोबल को आगे बढ़ाया। आकृति यादव ने ऊंची कूद (हाईजंप) में बेहतरीन प्रदर्शन कर विद्यालय को गोल्ड मेडल दिलाने में कामयाब रही।  

वैष्णवी पांडेय ने (हर्डलरेस ) या बाधादौड़ में पूरे जोनल में द्वितीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय को सिल्वर पदक दिलायी। वहीं आस्था सिंह ने (शॉर्टफुट ) गोला फेक में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए विद्यालय को द्वितीय पुरस्कार के रूप में कांस पदक हासिल करने में कामयाब रही, जबकि जबकि 3 किलोमीटर की वाक रेस (दौड़) में अदिति तिवारी ने तीसरा स्थान प्राप्त कर विद्यालय को कांस्य पदक दिलाने में कामयाब रही ।

इस कामयाबी को देखते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य जॉवी जॉन ने छात्राओं का हौसला बुलंद करते हुए उन्हें आगे भी ऐसे ही प्रतिभाग करने की सलाह दी और हौसले को बुलंद किया।

इस दौरान विद्यालय के खेल अध्यापक प्रकाश पाल व  प्रियंका तिवारी सहित  विद्यालय अन्य अध्यापकों ने छात्राओं की कामयाबी पर उन्हें शाबाशी देते हुए उनके हौसले को बुलंद किया और कहा कि ऐसे ही खेल को आगे बढ़ते रहें तो निश्चय ही एक दिन  विद्यालय बुलंदी की ओर रहेगा।

अब देखना है कि स्टेट लेवल की प्रतियोगिता में छात्राओं द्वारा किस प्रकार का प्रदर्शन किया जाता है और व खेल को कितनी ऊंचाइयों पर ले जाने का काम करते हैं।