यूपी में NHM कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: महीनों से वेतन लंबित, भुखमरी की कगार पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी

उत्तर प्रदेश में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कार्यरत हजारों सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) को महीनों से वेतन नहीं मिला है। संघ के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो कर्मचारी कार्य बहिष्कार को मजबूर होंगे।

 
 

कई महीनों से वेतन न मिलने से CHO परेशान

सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ ने शासन को दी चेतावनी

दैनिक जरूरतों को पूरा करने में आ रही कठिनाइयां

सीएमओ से लेकर शासन तक समाधान की गुहार

लंबित भुगतान न होने से स्वास्थ्य सेवाओं पर असर

उत्तर प्रदेश में नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अंतर्गत प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) के सामने इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में कार्यरत इन कर्मचारियों को पिछले कई महीनों से वेतन और अन्य भत्तों का भुगतान नहीं किया गया है। बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने के बाद भी जब समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो अब कर्मचारियों का धैर्य जवाब देने लगा है।

संघ ने जताई गहरी चिंता
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संघ, उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष सनत सिंह ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि "कर्मचारी दिन-रात अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं। ऐसे में समय पर वेतन मिलना उनका मौलिक अधिकार है। शासन-प्रशासन की शिथिलता के कारण कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है।"

दैनिक जीवन हुआ दूभर
वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों को अपने परिवार का पालन-पोषण करने और दैनिक खर्चों को पूरा करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सत्य प्रकाश मिश्रा ने बताया कि लगातार प्रयासों और सीएमओ सहित उच्च अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद अभी तक बजट या भुगतान की स्थिति स्पष्ट नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह बेरुखी कर्मचारियों के प्रति संवेदनहीनता को दर्शाती है।

जल्द समाधान की अपील
प्रदेश महामंत्री देव सिंह तोमर ने सरकार और संबंधित विभागों से पुरजोर अपील की है कि कर्मचारियों के लंबित वेतन एवं अन्य देयकों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत जारी किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के संचालित करनी हैं, तो कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखना अनिवार्य है।

फिलहाल, कर्मचारियों ने शासन से अंतिम अपेक्षा जताई है कि इस गंभीर समस्या का निस्तारण शीघ्र किया जाएगा। यदि आगामी दिनों में भुगतान सुनिश्चित नहीं होता है, तो कर्मचारी संघ बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन की रणनीति तैयार कर सकता है।