UPPCS Result: कहीं किसान का बेटा तो कहीं शिक्षक की बेटी बनीं अफसर, चंदौली के इन लालों ने बढ़ाया जिले का मान
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) के नतीजों में चंदौली जनपद ने अपनी सफलता की अमिट छाप छोड़ी है। जिले के आकांक्षा सिंह, निलेश मौर्य और कंचन गुप्ता जैसे कई होनहारों ने विपरीत परिस्थितियों को मात देकर अफसर बनने का सपना पूरा किया है।
आकांक्षा सिंह ने हासिल की 84वीं रैंक
निलेश मौर्य बने वाणिज्य कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर
मुगलसराय की कंचन गुप्ता का चयन वाणिज्य कर विभाग में
शोध छात्र सर्वेश कुमार ने 54वीं रैंक के साथ मारी बाजी
महादेवा अमिलाई और नईबाजार गांव में जश्न का माहौल
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPCS) ने अपनी प्रतिष्ठित परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए हैं, जिसमें चंदौली जिले के होनहारों ने अपनी मेधा का लोहा मनवाया है। इस परीक्षा में जनपद के आधा दर्जन से अधिक अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे जिले का नाम प्रदेश स्तर पर रोशन किया है। प्रशासनिक अधिकारियों की इस नई खेप ने यह साबित कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत अटूट, तो सफलता कदम चूमती है।
आकांक्षा सिंह ने 84वीं रैंक के साथ बढ़ाया मान
जिले के महादेवा अमिलाई गांव की रहने वाली आकांक्षा सिंह ने यूपीपीसीएस में 84वीं रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। आकांक्षा का चयन वाणिज्य कर अधिकारी के पद पर हुआ है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव में हर्ष का माहौल है। आकांक्षा के पिता कमलेश सिंह गाजीपुर में आरपीएफ में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता इंद्रावती देवी कम्पोजिट स्कूल अमिलाई में हेड मास्टर हैं।
आकांक्षा की शैक्षणिक यात्रा काफी प्रभावशाली रही है। उन्होंने हाईस्कूल की पढ़ाई परशुरामपुर और इंटरमीडिएट सनबीम स्कूल वाराणसी से पूरी की। इसके बाद उन्होंने बीएचयू से स्नातक और दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से एमएससी की डिग्री हासिल की। उनकी सफलता का श्रेय उनके माता-पिता और उनकी निरंतर मेहनत को जाता है।
निलेश मौर्य: सोशल मीडिया से दूरी और बड़ी सफलता
सकलडीहा तहसील के नईबाजार (महेसुआ गांव) के रहने वाले निलेश मौर्य ने अपनी सफलता से सबको चौंका दिया है। निलेश ने यूपीपीसीएस परीक्षा में 96वीं रैंक हासिल की है और उनका चयन वाणिज्य कर विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर हुआ है। निलेश के पिता राकेश मौर्य एक प्राइवेट कंपनी में कार्यरत हैं और माता मुन्नी देवी गृहणी हैं।
निलेश की सफलता उन युवाओं के लिए मिसाल है जो तकनीक के दौर में भटक जाते हैं। उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान सोशल मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाए रखी थी। उन्होंने स्थानीय स्तर पर सकलडीहा ईंटवा स्थित वंदना कोचिंग से मार्गदर्शन प्राप्त किया और अपने सपने को हकीकत में बदला।
मुगलसराय की कंचन गुप्ता ने पेश की मिसाल
मुगलसराय क्षेत्र की कंचन गुप्ता ने भी पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त की है। कंचन का चयन वाणिज्य कर विभाग में हुआ है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा मुगलसराय से 2019 में पूरी की और फिर 2022 में बीएचयू से इकोनॉमिक्स में स्नातक किया। इसके बाद उन्होंने इग्नू से एमए की पढ़ाई की। कंचन ने बताया कि बीएचयू में पढ़ाई के दौरान ही उन्हें सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा मिली थी। पहले प्रयास में असफल होने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः लक्ष्य हासिल कर लिया।
शोध छात्र सर्वेश कुमार बने असिस्टेंट कमिश्नर
सकलडीहा पीजी कॉलेज के समाजशास्त्र विषय के शोध छात्र सर्वेश कुमार ने भी सफलता का परचम लहराया है। सर्वेश ने 54वीं रैंक हासिल की है और वे अब असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर सेवाएं देंगे। मूल रूप से अकबरपुर जिले के जलालपुर निवासी सर्वेश एक रिटायर्ड शिक्षक के पुत्र हैं। उनकी सफलता पर सकलडीहा पीजी कॉलेज के शिक्षकों और शोध निर्देशकों ने खुशी जाहिर करते हुए इसे कॉलेज के लिए गौरव का क्षण बताया है।
कृपानाथ सिंह और मिथिलेश कुमार की उपलब्धि
चंदौली जिले के ही कृपानाथ सिंह ने 100वीं रैंक हासिल कर नायब तहसीलदार के पद पर अपना स्थान पक्का किया है। वहीं, पौनी गांव के मिथिलेश कुमार सिंह ने भी इस परीक्षा को उत्तीर्ण कर गांव का नाम रोशन किया है। मिथिलेश की सफलता ने गांव के युवाओं को कड़ी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ सपने साकार करने के लिए प्रेरित किया है।
जश्न का माहौल और भविष्य की राह
जैसे ही परीक्षा परिणाम घोषित हुए, सफल अभ्यर्थियों के घरों पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। कहीं मिठाइयां बांटी गईं तो कहीं आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया। अभिभावकों की आंखों में खुशी के आंसू थे, क्योंकि उनकी सालों की तपस्या और बच्चों का संघर्ष आज सफल हुआ था।
चंदौली, जिसे अक्सर पिछड़ा माना जाता है, अब प्रशासनिक अधिकारियों की "नर्सरी" के रूप में उभर रहा है। सीमित संसाधनों के बावजूद जिस तरह से यहां के युवाओं ने राष्ट्रीय स्तर की कड़ी प्रतिस्पर्धा में अपनी जगह बनाई है, वह सराहनीय है। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने भी सभी सफल अभ्यर्थियों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। ये नव-निर्वाचित अधिकारी अब उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे का हिस्सा बनकर समाज के कल्याण और जिले के सम्मान के लिए कार्य करेंगे।