विंध्य एक्सप्रेसवे का विरोध : यूपीडा और किसानों के बीच कलेक्ट्रेट में हुई वार्ता, दोबारा सर्वे कराने का मिला आश्वासन
चंदौली में विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में किसानों का धरना 24वें दिन भी जारी रहा। कलेक्ट्रेट सभागार में यूपीडा अधिकारियों और किसानों के बीच हुई वार्ता में एक्सप्रेसवे का पुनः सर्वे कराने का आश्वासन मिला है।
24वें दिन भी जारी रहा किसान धरना
यूपीडा और किसानों के बीच सकारात्मक वार्ता
विंध्य एक्सप्रेसवे का पुनः सर्वे की मांग
पुलिस हटने के बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे किसान
मांग पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
चंदौली जिले में विंध्य एक्सप्रेसवे के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में बिछिया धरना स्थल पर चल रहा अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 24वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के बीच जिला प्रशासन की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट सभागार में किसानों और उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) के अधिकारियों के बीच एक अहम बैठक हुई। इस बैठक के बाद किसान नेताओं ने बातचीत को सकारात्मक और सुखद बताया है।
पुलिस हटाने के बाद शुरू हुई कलेक्ट्रेट वार्ता
किसान संघर्ष मोर्चा के संयोजक मणि देव चतुर्वेदी ने बताया कि इससे पहले सदर एसडीएम की अध्यक्षता में सैयदराजा थाने में हुई बातचीत बेनतीजा रही थी। इसके बाद किसान नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात कर नजरबंदी का आरोप लगा और देर रात नोटिस दिए गए। बुधवार सुबह जब प्रशासन ने दोबारा यूपीडा प्रतिनिधियों के साथ वार्ता का न्योता दिया, तो किसानों ने साफ कह दिया कि जब तक घरों से पुलिस नहीं हटती, वे बातचीत नहीं करेंगे। प्रशासन द्वारा पुलिस हटाए जाने के बाद ही किसान कलेक्ट्रेट पहुंचे।
दुबारा सर्वे और जलभराव पर उठाई चिंता
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई वार्ता के दौरान किसान नेताओं ने विंध्य एक्सप्रेसवे का दोबारा सर्वे कराने की मांग प्रमुखता से रखी। किसानों का तर्क था कि जिले में पहले से ही भारतमाला परियोजना, सेरुका-राजाबाजार-सैदपुर-चंदौली हाईवे और प्रस्तावित ग्रीनफील्ड जैसी कई सड़क परियोजनाएं चल रही हैं। इतनी सड़कों के निर्माण से जिले के प्राकृतिक जल निकासी तंत्र पर बुरा असर पड़ सकता है, जिससे कई इलाकों में भारी जलभराव की समस्या पैदा होने की आशंका है।
यूपीडा ने दिया अध्ययन कराने का आश्वासन
किसानों ने मांग रखी कि विशेषज्ञों का एक बोर्ड गठित कर एक्सप्रेसवे का दोबारा सर्वे कराया जाए और जब तक बोर्ड की रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को रोक कर रखा जाए। यूपीडा के अधिकारियों ने किसानों की बात ध्यान से सुनी और भरोसा दिलाया कि जल्द ही एक विशेषज्ञ टीम भेजकर सभी संभावनाओं का गहराई से अध्ययन कराया जाएगा।
ठोस फैसला होने तक आंदोलन रहेगा जारी
कलेक्ट्रेट में हुई इस वार्ता की अध्यक्षता किसान नेता अशोक सिंह ने की। बैठक में मणि देव चतुर्वेदी, सतीश सिंह चौहान, श्रवण कुमार मौर्या, रामेश्वर सिंह, अशोक यादव एडवोकेट, विद्याशंकर सिंह, संतोष यादव, विनोद यादव, बिजेंद्र यादव, अमरजीत मौर्या और पूर्व सैनिक बाबूलाल यादव मौजूद रहे। वहीं दूसरी ओर नेवादा ग्राम संगठन के अध्यक्ष रामनारायण यादव बिछिया धरना स्थल पर डटे रहे। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होता, उनका अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।