विंध्य एक्सप्रेस-वे पर भड़के चंदौली के किसान: कहा- कट जाएंगे, मर जाएंगे लेकिन उपजाऊ जमीन नहीं देंगे

 

चंदौली में विंध्य एक्सप्रेस-वे के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने आर-पार की जंग का एलान कर दिया है। किसानों ने साफ कहा कि जान दे देंगे पर उपजाऊ जमीन नहीं देंगे, मांग न मानने पर उग्र आंदोलन होगा।

 
 

भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों का फूटा गुस्सा

बरहनी के पीजी कॉलेज में हुई प्रेस वार्ता

उपजाऊ कृषि भूमि बचाने के लिए दी चेतावनी

जल्द बुलाई जाएगी क्षेत्र के किसानों की महापंचायत

सरकार से वैकल्पिक मार्ग तलाशने की पुरजोर मांग

चंदौली जिले से होकर गुजरने वाली महत्वाकांक्षी विंध्य एक्सप्रेस-वे परियोजना के लिए प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर क्षेत्र के किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। इस परियोजना के विरोध में रविवार को बरहनी स्थित मां मंशादेवी पीजी कॉलेज में किसानों ने एक अहम प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान किसानों ने सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोलते हुए साफ कर दिया कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण नहीं होने देंगे।

जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे: महेश्वर सिंह
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जमीन बचाओ संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश्वर सिंह ने प्रशासनिक रवैये पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि देश का किसान अपनी उपजाऊ जमीन को मां के समान पूजता है। लेकिन सरकार और प्रशासन किसानों की इन गहरी भावनाओं की अनदेखी कर रहा है। प्रशासन जबरन भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर आमादा है, जिसके खिलाफ किसान अपनी आखिरी सांस तक संघर्ष जारी रखेंगे।

वैकल्पिक मार्ग की मांग, आर-पार की लड़ाई का एलान
संघर्ष समिति के संरक्षक और प्रखर किसान नेता सुमंत सिंह अन्ना ने तीखे तेवर अपनाते हुए कहा कि किसान अपनी आजीविका और जमीन की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, "हम किसान कटेंगे, मरेंगे, आंदोलन करेंगे, लेकिन अपनी कीमती उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण नहीं होने देंगे।" उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस एक्सप्रेस-वे के लिए कोई दूसरा वैकल्पिक मार्ग तलाशा जाए।

मांग पूरी न होने पर क्षेत्र में होगी महापंचायत
किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया, तो क्षेत्र के सभी किसानों को एकजुट कर एक विशाल महापंचायत बुलाई जाएगी। इसके बाद पूरे जिले में एक व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। किसानों ने स्पष्ट किया कि इस आंदोलन के दौरान पैदा होने वाली किसी भी कानून-व्यवस्था की स्थिति की पूरी जिम्मेदारी सीधे तौर पर शासन और प्रशासन की होगी।

इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से डॉ. समर बहादुर सिंह, संत विलास सिंह, अरुण सिंह, समरेंद्र सिंह, लल्ला सिंह, ज्ञान प्रकाश सिंह, दुर्गादत्त तिवारी, आलोक सिंह, निखिल सिंह सहित क्षेत्र के बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण एकजुट रहे।