महिला शिक्षक संघ ने उठाई स्कूल का समय बदलने की मांग, BSA को सौंपा ज्ञापन

 

चंदौली में प्रचंड गर्मी और लू के चलते महिला शिक्षक संघ ने स्कूली बच्चों की सुरक्षा हेतु समय परिवर्तन की मांग की है। साथ ही, संगठन ने गर्भवती और असाध्य रोगों से ग्रसित महिला शिक्षकों को जनगणना कार्य से मुक्त करने हेतु जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।

 
 

स्कूल का समय 8:00 से 12:30 बजे तक करने की मांग

भीषण लू और गर्मी से बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता

गर्भवती महिला शिक्षकों को जनगणना कार्य से राहत की अपील

गंभीर बीमारियों से ग्रस्त शिक्षकों के लिए भी मांगी छूट

महिला शिक्षक संघ की जिला अध्यक्ष डॉ. सुनीता तिवारी का नेतृत्व

चंदौली जिले में लगातार बढ़ रही प्रचंड गर्मी और लू के थपेड़ों ने आम जनजीवन के साथ-साथ स्कूली बच्चों की मुश्किलों को बढ़ा दिया है। इसी समस्या को देखते हुए आज महिला शिक्षक संघ चंदौली की टीम ने जिला अध्यक्ष डॉ. सुनीता तिवारी के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को ज्ञापन सौंपा। संघ ने मांग की है कि मौसम के अत्यधिक गर्म रुख को देखते हुए बच्चों के स्वास्थ्य के हित में विद्यालयों के समय में तत्काल परिवर्तन किया जाए। संगठन ने सुझाव दिया है कि शिक्षण व्यवस्था सुचारू रूप से चलाने हेतु विद्यालय का समय प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक निर्धारित किया जाए।

                                                            

ज्ञापन सौंपने पहुंची कार्यकारिणी की टीम को मुख्यालय पर BSA के तहसील दिवस चकिया में होने के कारण, ज्ञापन मुख्यालय के खण्ड शिक्षा अधिकारी को सुपुर्द किया गया।

जनगणना ड्यूटी से गर्भवती व बीमार शिक्षकों को मुक्त करने की मांग
शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ संगठन ने महिला शिक्षकों की व्यवहारिक समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। महिला शिक्षक संघ ने जिलाधिकारी को संबोधित एक ज्ञापन अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) से मिलकर सौंपा। इसमें यह मांग की गई है कि वर्तमान में चल रही जनगणना प्रक्रिया में ड्यूटी पर तैनात उन महिला शिक्षकों को राहत दी जाए जो गर्भवती हैं, गंभीर या असाध्य रोगों से पीड़ित हैं, अथवा जिनकी सेवानिवृत्ति में अब मात्र 2 वर्ष का समय शेष रह गया है।

संघ का तर्क है कि भीषण गर्मी के मौसम में क्षेत्र में घूमकर जनगणना का कार्य करना इन विशेष श्रेणी की महिला कर्मियों के लिए स्वास्थ्य की दृष्टि से अत्यंत कष्टदायक है। अतः मानवीय आधार पर इन्हें इस चुनौतीपूर्ण कार्य से मुक्त रखा जाए।

संगठन की एकजुटता और उपस्थिति
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन की शक्ति और एकजुटता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। जिला अध्यक्ष डॉ. सुनीता तिवारी के साथ प्रमुख रूप से प्रीति अग्निहोत्री, अलका सिंह, वन्दना वर्मा, सुनीता गौतम, प्रिया रघुवंशी, कमर जहाँ सहित संगठन के तमाम सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित रहे। संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी जायज मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो वे आगामी रणनीति पर विचार करेंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इन संवेदनशील मुद्दों पर क्या निर्णय लेता है।