मोटा माल पचाने वालों को बचाने की तैयारी : छापे से पहले हिस्ट्रीशीटर प्रीतम को जेल, बाद में अकेला हेड कांस्टेबल बना 'बली का बकरा'?
चंदौली के अलीनगर में तेल तस्करी के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। एडीजी की छापेमारी के बीच हेड कांस्टेबल रोशन यादव पर संरक्षण और वसूली का मुकदमा दर्ज हुआ है। ऑडियो वायरल होने और सियासी दबाव के बीच पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हेड कांस्टेबल रोशन यादव पर मुकदमा दर्ज
14 आरोपियों में 13 तेल तस्कर शामिल
विधायक के नाम पर वसूली का ऑडियो वायरल
सीओ कार्यालय के पास चलता रहा तस्करी का खेल
छापे से पहले हिस्ट्रीशीटर प्रीतम जायसवाल जेल
चंदौली जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र में तेल तस्करी के काले कारोबार और खाकी के संरक्षण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। साथ ही साथ एसओजी के छापे से ठीक एक दिन पहले, अलीनगर पुलिस ने आनन-फानन में हिस्ट्रीशीटर प्रीतम जायसवाल को एक बार फिर से जेल भेज दिया। चर्चा है कि यह कार्रवाई किसी बड़े सियासी दबाव और खुद को बचाने के प्रयास के तहत की गई थी। पीडीडीयू नगर एसडीएम अनुपम मिश्रा ने पुष्टि की कि इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर ही हिस्ट्रीशीटर को जेल भेजा गया है।
इस घटना के एक दिन बाद एडीजी जोन की विशेष टीम द्वारा की गई छापेमारी करके 14 लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज की गयी और एक्शन के बाद तत्काल अलीनगर थाने के हेड कांस्टेबल रोशन यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। उन पर तस्करों को संरक्षण देने और उनके बदले मोटी रकम वसूलने का गंभीर आरोप है। फिलहाल, आरोपी कांस्टेबल छापेमारी के दौरान साथ-साथ दिख रहा था, लेकिन जैसे ही पकड़े गए लोगों ने पूछताछ में पैसे के लेनदेन में शामिल होने की बात कही तो तत्काल ही वह मौके से फरार हो गया।
एडीजी की छापेमारी और तेल का काला खेल
अलीनगर क्षेत्र, जहाँ इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के बड़े डिपो स्थित हैं, लंबे समय से तेल तस्करी का केंद्र बना हुआ था। शुक्रवार को एडीजी पीयूष मोर्डिया द्वारा गठित विशेष टीम ने चार अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस कार्रवाई में 1000 लीटर से अधिक चोरी का तेल, दो टैंकर, दो कारें और तेल चोरी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए। पुलिस ने मौके से 8 लोगों को हिरासत में लिया है।
हेड कांस्टेबल पर 'संरक्षण और उगाही' का आरोप
छापेमारी के दौरान पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल कॉल डिटेल्स खंगालने पर हेड कांस्टेबल रोशन यादव का नाम प्रमुखता से उभरा। आरोप है कि रोशन यादव तस्करों का 'कारखास' बनकर काम कर रहा था और उनके अवैध धंधे को पुलिसिया कवच प्रदान कर रहा था। अलीनगर थानाध्यक्ष अनिल कुमार पांडेय की तहरीर पर रोशन यादव सहित कुल 14 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। स्थानीय लोगों का दावा है कि छापेमारी के वक्त रोशन वहीं मौजूद था, लेकिन अपने खिलाफ केस दर्ज होने की भनक लगते ही वह थाने से फरार हो गया।
ऑडियो वायरल और 'नेताजी' का दबाव
इस पूरे मामले में एक नया मोड़ तब आया जब 'चंदौली समाचार' में एक ऑडियो वायरल हुआ। इस ऑडियो में एक विधायक के नाम पर पैसे की वसूली का जिक्र था। इस वायरल ऑडियो के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि एसओजी के छापे से ठीक एक दिन पहले, अलीनगर पुलिस ने आनन-फानन में हिस्ट्रीशीटर प्रीतम जायसवाल को जेल भेज दिया। चर्चा है कि यह कार्रवाई किसी बड़े सियासी दबाव और खुद को बचाने के प्रयास के तहत की गई थी। पीडीडीयू नगर एसडीएम अनुपम मिश्रा ने पुष्टि की कि इंस्पेक्टर की रिपोर्ट पर ही हिस्ट्रीशीटर को जेल भेजा गया है।
सीओ कार्यालय के नाक के नीचे चल रहा था सिंडिकेट
जनता के बीच इस बात की तीव्र चर्चा है कि आखिर सीओ कार्यालय से चंद कदमों की दूरी पर वर्षों से यह गोरखधंधा कैसे चल रहा था? स्थानीय लोगों का आरोप है कि छोटे पुलिसकर्मियों (कांस्टेबल) को बली का बकरा बनाया जा रहा है, जबकि इस सिंडिकेट के असली सूत्रधार और उच्चाधिकारी बच निकले हैं। यदि समय रहते प्रभावी निगरानी होती, तो सरकारी तेल की इतनी बड़ी लूट संभव नहीं थी।
फिलहाल, पुलिस प्रशासन इस मामले पर पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। फरार हेड कांस्टेबल की गिरफ्तारी और इस तस्करी सिंडिकेट के 'सफेदपोश' चेहरों के बेनकाब होने का इंतजार चंदौली की जनता कर रही है।