मोबाइल टावरों में चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, लाखों के सामान के साथ 2 शातिर चोर गिरफ्तार
चंदौली के अलीनगर पुलिस ने मोबाइल टावर से कीमती उपकरण चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर 5 लाख रुपये के उपकरण और अन्य सामान बरामद किए हैं।
मोबाइल टावर से उपकरण चोरी
अलीनगर पुलिस की बड़ी सफलता
5 लाख का माल बरामद
अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य गिरफ्तार
दिल्ली में खपाते थे चोरी का माल
चंदौली जिले की अलीनगर थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने मोबाइल टावर से कीमती उपकरण चुराने वाले एक सक्रिय अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से लाखों रुपये कीमत के उपकरण बरामद हुए हैं। यह गिरोह लंबे समय से मोबाइल कंपनियों के टावरों को निशाना बना रहा था।
दिल्ली तक फैला था नेटवर्क
पुलिस पूछताछ में पकड़े गए अभियुक्तों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे विभिन्न मोबाइल टावरों से कीमती कार्ड और उपकरण चोरी करते थे। इन उपकरणों की अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपये बताई जा रही है। गिरोह का तरीका बेहद शातिर था; चोरी किए गए सामान को वे बस के माध्यम से दिल्ली ले जाते थे और वहां अपने साथियों को एक कार्ड लगभग 30,000 रुपये में बेच देते थे। अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने 29 मार्च 2026 को ग्राम सदलपुरा स्थित एयरटेल टावर से भी उपकरण चोरी किए थे, जिसके संबंध में पूर्व में मुकदमा दर्ज था।
गोधना अंडरपास के पास दबोचे गए चोर
अलीनगर पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि टावर उपकरण चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य किसी बड़ी वारदात की फिराक में हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए अलीनगर पुलिस और सर्विलांस टीम ने घेराबंदी की। 21 अप्रैल 2026 की देर रात लगभग 11:46 बजे, गोधना अंडरपास के पास से पुलिस ने दो संदिग्धों को धर दबोचा। पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान मनीष कुमार (25 वर्ष, निवासी जमालपुर, मिर्जापुर) और कमलेश पटेल (29 वर्ष, निवासी पड़री, मिर्जापुर) के रूप में हुई है।
बरामदगी और आपराधिक इतिहास
पुलिस ने इनके पास से 3 अंजना नोकिया टावर उपकरण, 2 मोबाइल फोन और 250 रुपये नगद बरामद किए हैं। गिरफ्तार दोनों अभियुक्तों का लंबा आपराधिक इतिहास है। मनीष कुमार पर अलीनगर थाने में पूर्व में भी मुकदमे दर्ज हैं। वहीं, कमलेश पटेल पर अलीनगर के साथ-साथ सोनभद्र के राबर्ट्सगंज थाने में भी मुकदमे दर्ज हैं। दोनों अभियुक्त अब कानून की गिरफ्त में हैं और उन पर धारा 317(2) बीएनएस के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस सफल गिरफ्तारी और बरामदगी में अलीनगर के प्रभारी निरीक्षक घनश्याम शुक्ला के नेतृत्व में उपनिरीक्षक पंकज कुमार सिंह, आशुतोष कुमार गुप्ता, धुरेन्धर प्रसाद और पूरी पुलिस टीम का अहम योगदान रहा। पुलिस की इस तत्परता की इलाके में खूब सराहना हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में सक्रिय ऐसे गिरोहों पर आगे भी सख्त निगरानी रखी जाएगी।