रेमां गांव हत्याकांड का खुलासा: सरिये से गोदकर हत्या करने वाले आरोपी मोतीलाल और गोलू पचफेड़वा रिंग रोड से अरेस्ट

 

चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र के रेमां गांव में बच्चों के विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में बबलू सोनकर की हत्या के आरोपी पिता-पुत्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

 
 

अलीनगर पुलिस ने हत्या के 2 वांछित अभियुक्तों को किया गिरफ्तार

बच्चों के मामूली विवाद में दबंगों ने लिया था उग्र रूप

नुकीले सरिये के हमले से घायल बबलू सोनकर की हुई थी मौत

पचफेड़वा रिंग रोड के पास से दबोचे गए मोतीलाल और गोलू

पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को भेजा जेल

 चंदौली जिले में अलीनगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या के एक सनसनीखेज मामले में वांछित चल रहे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी पिता-पुत्र हैं, जिन्होंने मामूली विवाद में एक व्यक्ति पर नुकीले सरिये से हमला कर दिया था, जिनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस ने दोनों को पचफेड़वा रिंग रोड के पास से दबोचा।

बच्चों के विवाद में खूनी संघर्ष
घटना 16 सितंबर 2026 की शाम करीब 7:00 बजे की है। अलीनगर क्षेत्र के ग्राम रेमां में बच्चों के आपस में खेलने के विवाद को लेकर मोतीलाल सोनकर और उनके बेटे गोलू उर्फ राजा ने वादिनी आरती के पति बबलू सोनकर के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर दबंगों ने जान से मारने की नीयत से नुकीले सरिये से बबलू के पेट में कई बार वार कर दिए।

इलाज के दौरान तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद परिजन गंभीर रूप से घायल बबलू सोनकर को उपचार के लिए पीएचसी पीपी सेंटर मुगलसराय ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बीएचयू ट्रामा सेंटर, वाराणसी रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान 17 सितंबर को बबलू की मौत हो गई। पुलिस ने वादिनी की तहरीर पर सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने बिछाया जाल और दबोचे आरोपी
थाना प्रभारी गगनराज सिंह के कुशल नेतृत्व में अलीनगर पुलिस टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पचफेड़वा रिंग रोड के पास से दोनों वांछित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 48 वर्षीय मोतीलाल सोनकर और उसके 19 वर्षीय पुत्र गोलू उर्फ राजा के रूप में हुई है, जो रेमां गांव के ही रहने वाले हैं।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली अलीनगर पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक गगन राज सिंह, हेड कांस्टेबल विकास सिंह, हेड कांस्टेबल दिनेश कुमार और कांस्टेबल शिवांशु सिंह शामिल रहे। पुलिस ने पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।