इलाके में 'भौकाल' बनाने के लिए सरेआम तमंचा लहराया था कट्टा,  बिहार से असलहा खरीदकर लाया था आमिर 

 

चंदौली के नैढी ईदगाह चौराहे पर सरेआम तमंचा लहराकर रौब झाड़ने वाले युवक को बलुआ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बिहार से खरीदे गए अवैध असलहे के साथ पकड़े गए आरोपी की पूरी कहानी यहाँ पढ़ें।

 
 

चंदौली में तमंचा लहराने वाला गिरफ्तार

क्षेत्र में भौकाल बनाने का शौक

बिहार से खरीदा था अवैध असलहा

मीडिया में वीडियो वायरल होने पर एक्शन

बनारस भागने की फिराक में धराया

 चंदौली जिले में अपराधियों और अवैध असलहा धारकों के खिलाफ चलाए जा रहे कड़े चेकिंग अभियान के तहत बलुआ थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इलाके में दहशत फैलाने और सरेआम तमंचा लहराकर 'भौकाल' बनाने वाले एक शातिर युवक को जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई मीडिया और सोशल मीडिया पर मामला वायरल होने के बाद त्वरित गति से की गई।

पकड़े गए अभियुक्त की पहचान आमिर अहमद (उम्र लगभग 24 वर्ष) पुत्र जियाउद्दीन के रूप में हुई है, जो बलुआ थाना क्षेत्र के बड़गावां गांव का निवासी है। पुलिस ने अभियुक्त के पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा और एक अदद जिंदा कारतूस बरामद किया है। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।

नैढी ईदगाह चौराहे पर हुई थी मारपीट
घटनाक्रम के अनुसार, बीते 2 जून 2026 को नैढी ईदगाह चौराहे के पास आरोपी आमिर अहमद का नैढी गांव के ही एक व्यक्ति के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इसी बीच आमिर ने बीच सड़क पर अपना दबदबा और खौफ कायम करने के लिए तमंचा निकाल लिया और उसे हवा में लहराते हुए सामने वाले को जान से मारने की धमकी दी।

इस पूरी घटना की खबर और वीडियो सोशल मीडिया व मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो गई। मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह के कुशल नेतृत्व में उप-निरीक्षक जगदीश प्रसाद और उनकी टीम को आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगाया गया। पुलिस ने मु0अ0सं0 152/2026 के तहत बीएनएस की विभिन्न धाराओं में दर्ज मामले में अब 3/25 आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की है।

बिहार के भभुआ से खरीदा था असलहा
पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी आमिर अहमद ने अपना जुर्म कबूल करते हुए कई बातें बताईं। उसने पुलिस को बताया कि 2 जून को उसका नैढी गांव के एक व्यक्ति से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद उसने रौब गांठने के लिए तमंचा लहराया था। आमिर ने स्वीकार किया कि वह यह असलहा केवल क्षेत्र में अपना 'भौकाल' और दबदबा बनाने के लिए अपने पास रखता था।

जब आमिर को पता चला कि पीड़ित ने उसके खिलाफ बलुआ थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है, तो वह डर गया। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने घर से भागकर बनारस जाने की फिराक में था, लेकिन पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। आमिर ने बताया कि यह असलहा उसने बिहार राज्य के जिला भभुआ में एक राह चलते अज्ञात व्यक्ति से खरीदा था। उसने पुलिस के सामने अपनी गलती मानते हुए माफी की गुहार भी लगाई।


इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में बलुआ थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह के साथ मारूफपुर चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक अमित कुमार सिंह, उप-निरीक्षक जगदीश प्रसाद, हेड कांस्टेबल संतोष यादव और कांस्टेबल शिशिर यादव शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगाड़ने और अवैध हथियारों का प्रदर्शन करने वाले किसी भी शरारती तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।