लाइब्रेरी की आड़ में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़: शेयर मार्केट के नाम पर ठगी करने वाले 12 शातिर गिरफ्तार

चंदौली की बलुआ पुलिस और साइबर सेल ने सराय रसूलपुर गांव में लाइब्रेरी की आड़ में चल रहे फर्जी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने मुख्य संचालक समेत 12 शातिरों को गिरफ्तार कर लैपटॉप और मोबाइल बरामद किए हैं।
 

लाइब्रेरी की आड़ में साइबर ठगी

मुख्य संचालक आनंद मौर्या समेत 12 गिरफ्तार

शेयर मार्केट के नाम पर धोखाधड़ी

4 लैपटॉप और 24 मोबाइल बरामद

250 क्लाइंट्स का विवरण डायरी से मिला

चंदौली जिले में अपराधियों और साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बलुआ थाना पुलिस और जनपदीय साइबर सेल की संयुक्त टीम को एक बड़ी सफलता मिली है। 24 अगस्त 2026 को मुखबिर से मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने ग्राम सराय रसूलपुर में छापेमारी की। वहां "Readers Community Club" नाम से एक लाइब्रेरी चलाई जा रही थी। हालांकि, अंदर का नजारा देखकर पुलिस भी हैरान रह गई, क्योंकि लाइब्रेरी की आड़ में फर्जी इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी और शेयर मार्केट के नाम पर साइबर ठगी का नेटवर्क चलाया जा रहा था।

गिरफ्तार गैंग चलाने वाले सदस्य

आनंद मौर्या के मकान में चल रहा था ठगी का नेटवर्क
पुलिस टीम जब सराय रसूलपुर निवासी आनंद मौर्या पुत्र सूबेदार मौर्या के मकान में संचालित इस परिसर में दाखिल हुई, तो कई युवक लैपटॉप और मोबाइल फोन के जरिए संदिग्ध गतिविधियां करते मिले। मौके पर मौजूद सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को कब्जे में लेकर पुलिस ने जब कड़ाई से पूछताछ की, तो पूरे गिरोह का सच सामने आ गया। पूछताछ में पता चला कि इस पूरे फर्जी कॉल सेंटर का मुख्य संचालन आनंद मौर्या ही करता था और वही अपनी टीम के सदस्यों को संभावित ग्राहकों के मोबाइल नंबर उपलब्ध कराता था।

लाइब्रेरी की आड़ में साइबर ठगी
मुख्य संचालक आनंद मौर्या समेत 12 गिरफ्तार
शेयर मार्केट के नाम पर धोखाधड़ी
4 लैपटॉप और 24 मोबाइल बरामद@baluacdi @cosakaldihacdi @Uppolice @chandaulipolice pic.twitter.com/Ur8iushMSE

— Chandauli Samachar (@chandaulinews) August 25, 2026


डिमैट अकाउंट हैंडल कर लगाते थे लाखों का चूना
ठगी का यह मॉडल बेहद शातिराना था। गिरोह के सदस्य ग्राहकों को फोन करके खुद को शेयर मार्केट और स्टॉक मार्केट का बड़ा जानकार व इन्वेस्टमेंट एडवाइजर बताते थे। अधिक लाभ दिलाने का झांसा देकर वे ग्राहकों का विश्वास जीतते थे और फिर उनके डिमैट या ट्रेडिंग अकाउंट का एक्सेस हासिल कर लेते थे। इसके बाद आरोपी खुद ट्रेडिंग करते थे। ट्रेडिंग में होने वाला सारा आर्थिक नुकसान खाताधारक को सहना पड़ता था और नुकसान होते ही आरोपी अपने फोन नंबर बंद कर लेते थे।

डायरी से मिला 250 ग्राहकों का डेटा, 9.50 लाख की ठगी का खुलासा
पुलिस ने मौके से एक हस्तलिखित डायरी और दो रजिस्टर बरामद किए हैं। इनमें करीब 250 ग्राहकों के नाम, मोबाइल नंबर और ट्रेडिंग से जुड़ी प्रविष्टियां दर्ज थीं। डायरी में दर्ज नंबरों पर जब पुलिस टीम ने संपर्क किया, तो तीन ग्राहकों ने शेयर मार्केट के नाम पर अपने साथ कुल 9,50,000 रुपये की आर्थिक ठगी होने की बात स्वीकार की। इसके तुरंत बाद पुलिस ने मुख्य संचालक आनंद मौर्या को सुरतापुर काली माता मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया।

भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस ने कुल 12 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 04 लैपटॉप (जिसमें Apple और HP EliteBook शामिल हैं), 24 मोबाइल फोन, 42 सिम कार्ड, 01 Seagate 250 GB की इंटरनल हार्ड डिस्क, 01 हस्तलिखित डायरी और 02 रजिस्टर बरामद हुए हैं। बरामद हार्ड डिस्क के बारे में आरोपी आनंद मौर्या ने बताया कि इसका इस्तेमाल ग्राहकों का डेटा सुरक्षित रखने के लिए किया जाता था।

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान
पुलिस द्वारा पकड़े गए 12 अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार हुई है:--

  • आनंद मौर्या (मुख्य संचालक), निवासी सराय रसूलपुर, थाना बलुआ।
  • प्रकाश मौर्या, निवासी सराय रसूलपुर, थाना बलुआ।
  • जोगिंदर मौर्या, निवासी सराय रसूलपुर, थाना बलुआ।
  • सिद्धार्थ मौर्या, निवासी सराय रसूलपुर, थाना बलुआ।
  • अभिषेक विश्वकर्मा, निवासी सराय रसूलपुर, थाना बलुआ।
  • विकास शर्मा, निवासी सराय रसूलपुर, थाना बलुआ।
  • कुशवाहा, निवासी इटवा, थाना बलुआ।
  • प्रीतम कुमार मौर्या, निवासी धानापुर, थाना धानापुर।
  • अमन कुमार मौर्या, निवासी धानापुर, थाना धानापुर।
  • आकाश मौर्या, निवासी धानापुर, थाना धानापुर।
  • विशाल गौड़, निवासी रामपुर, थाना धानापुर।
  • विशाल मौर्या, निवासी रामपुर, थाना धानापुर।

मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई में जुटी पुलिस
घटना के संबंध में बलुआ थाने पर मुकदमा अपराध संख्या 254/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 61(2), 3(5) और 66D आईटी एक्ट में केस दर्ज कर लिया गया है। इस सफल कार्रवाई में थाना बलुआ के प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह, वरिष्ठ उपनिरीक्षक अनंत कुमार भार्गव, उपनिरीक्षक जमीलुद्दीन खान, साइबर सेल के उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, हेड कांस्टेबल पवन यादव, कांस्टेबल नौशाद अली, सरोज कुमार यादव और अनमोल वर्मा शामिल रहे।