सावधान! चंदौली जिला अस्पताल से कभी भी गायब हो सकती है बाइक, चोरों ने एक महीने में गायब की 5 मोटरसाइकिलें 

 

चंदौली जिला अस्पताल में इन दिनों इलाज से ज्यादा बाइक चोरी की वारदातें सुर्खियां बटोर रही हैं। सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों के दावों के बीच महज एक माह में चिकित्सकों और तीमारदारों की 5 मोटरसाइकिलें चोरी हो चुकी हैं।

 
 

बीते एक महीने में अस्पताल परिसर से पांच बाइकें चोरी

अस्पताल के मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरा न होना बना वरदान

पिछले हफ्ते एक चिकित्सक की मोटरसाइकिल पर चोरों ने फेरा हाथ

परिसर की सुरक्षा के लिए लगे 6 से 7 कैमरों पर जमी है धूल

कोतवाली प्रभारी बिंदेश्वर पांडेय ने टीम गठित कर जांच शुरू की

चंदौली जिला मुख्यालय पर स्थित शासकीय अस्पताल इन दिनों मरीजों के उपचार से ज्यादा मोटरसाइकिल चोरी की लगातार हो रही वारदातों को लेकर सुर्खियों में बना हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि अस्पताल परिसर अंतरप्रांतीय या स्थानीय वाहन चोरों की पहली पसंद बन चुका है। आलम यह है कि पिछले महज एक महीने के भीतर ही इस व्यस्त अस्पताल परिसर के अंदर से अभी तक कुल पांच बाइकें चोरी हो चुकी हैं। इस सिलसिलेवार चोरी के कारण सुदूर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों से यहाँ इलाज कराने आने वाले असहाय मरीजों और उनके साथ आए तीमारदारों में हर वक्त अपनी गाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गहरा खौफ बना रहता है।

डॉक्टर की गाड़ी भी गायब, सुरक्षा व्यवस्था के दावों की खुली पोल
हैरानी की बात तो यह है कि चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे आम मरीजों के साथ-साथ अब डॉक्टरों को भी अपना निशाना बनाने लगे हैं। पिछले ही सप्ताह अस्पताल में अपनी सेवाएं दे रहे एक वरिष्ठ चिकित्सक के वाहन पर भी चोरों ने बहुत ही आसानी से हाथ साफ कर दिया। इस पूरी स्थिति में सबसे ताज्जुब करने वाली बात यह है कि अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) और आंतरिक परिसर के भीतर हर वक्त निजी सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। इन सुरक्षा प्रहरियों की उपस्थिति के बावजूद चोर बेहद सुगमता से दुपहिया वाहनों को पार कर रहे हैं, जिससे अस्पताल प्रशासन की मुस्तैदी पर बड़े सवालिया निशान खड़े हो गए हैं।

धूल फांक रहे कैमरे और मुख्य गेट पर सीसीटीवी का न होना बना वरदान
तकनीकी सुरक्षा की बात करें तो अस्पताल परिसर के बाहरी हिस्सों की निगरानी और सुरक्षा के लिए करीब 6 से 7 सीसीटीवी कैमरे लगाए जरूर गए हैं। परंतु जमीनी हकीकत यह है कि इन कैमरों पर धूल की मोटी परतें जमी हुई हैं, जिसके कारण अब तक हुई किसी भी चोरी की वारदात का कोई ठोस सुराग इन कैमरों की फुटेज से पुलिस को नहीं मिल सका है। इसके अलावा, अस्पताल के सबसे महत्वपूर्ण मुख्य गेट पर एक भी सीसीटीवी कैमरा स्थापित नहीं है। 

कहा जा रहा है कि अस्पताल के मुख्य द्वार पर तीसरी आंख (सीसीटीवी) का न होना शातिर चोरों के लिए किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है। पीड़ित मरीजों के अनुसार, जब वे चोरी के बाद फुटेज देखने की गुहार लगाते हैं, तो प्रशासन द्वारा कैमरे खराब होने या उनकी दिशा दूसरी तरफ होने का बहाना बना दिया जाता है।

कैंटीन के पास से दोपहर में गायब हुई बाइकें, पीड़ितों ने बयां किया दर्द
चोरी की घटनाओं का शिकार हुए पीड़ितों ने अपना दुखड़ा साझा किया है। महमदपुर निवासी संतोष यादव ने बताया कि उनकी बिल्कुल नई बाइक चोरी हो गई और जब उन्होंने सीसीटीवी फुटेज की मांग की, तो बताया गया कि कैमरा उस दिशा में घूम ही नहीं रहा था। उन्होंने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन वाहन मिलने की उम्मीद बेहद कम है। इसी तरह गोरारी के रहने वाले ज्ञानेश्वर तिवारी ने बताया कि वे अपने एक बीमार रिश्तेदार को देखने अस्पताल आए थे। उन्होंने अपनी बाइक अस्पताल परिसर के कैंटीन के समीप खड़ी की थी, लेकिन दोपहर में एक से तीन बजे के बीच चोरों ने उनकी गाड़ी गायब कर दी।

कोतवाली पुलिस ने गठित की टीम
अस्पताल परिसर में बढ़ते इस आपराधिक ग्राफ को लेकर कोतवाली चंदौली के प्रभारी निरीक्षक बिंदेश्वर पांडेय ने बताया कि जिला अस्पताल से लगातार मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायतें पुलिस को प्राप्त हो रही हैं। अब तक जितनी भी लिखित शिकायतें और तहरीरें मिली हैं, उन सभी मामलों को पूरी गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है। 

चोरों के इस गिरोह को दबोचने के लिए एक विशेष पुलिस टीम का गठन कर दिया गया है और साथ ही अस्पताल परिसर के भीतर सादे कपड़ों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई है। उन्होंने दावा किया कि पीड़ितों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर चोरों की तलाश सरगर्मी से की जा रही है और बहुत जल्द इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर चोरी गए वाहनों को बरामद कर लिया जाएगा।