चंदौली में चोरों का भयंकर आतंक: 15 दिनों में दर्जनों चोरियां..कहीं बाइक और मंदिर के घंटे गायब, रात में खुद पहरा देने को मजबूर लोग

 

चंदौली जिले में पिछले 15 दिनों के भीतर बाइक चोरी, बंद घरों में सेंधमारी और मंदिरों से घंटे चोरी होने की एक दर्जन से अधिक वारदातें सामने आई हैं। पुलिस की सुस्त कार्यप्रणाली से नाराज लोग अब खुद रात में पहरा दे रहे हैं।

 
 

15 दिनों में दर्जनों चोरियों से दहशत

सदर कोतवाली में सबसे ज्यादा बाइक चोरी

मंदिरों और बंद घरों को बनाया निशाना

पुलिस गश्त और रात्रि सुरक्षा पर सवाल

ग्रामीणों ने खुद शुरू किया ठीकरी पहरा

चंदौली जिले में इन दिनों चोरों का हौसला सातवें आसमान पर है। जिले के अलग-अलग इलाकों में चोरी की लगातार बढ़ती घटनाओं ने स्थानीय लोगों की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। पिछले करीब 15 दिनों के भीतर ही बाइक चोरी, बंद घरों में सेंधमारी और धार्मिक स्थलों यानी मंदिरों से घंटे चोरी होने की एक दर्जन से अधिक बड़ी वारदातें सामने आ चुकी हैं।

हालात यह हो गए हैं कि जिले में लगभग हर दूसरे दिन एक बाइक चोरी हो रही है। इन तमाम वारदातों के बाद भी स्थानीय पुलिस के हाथ खाली हैं और चोर पुलिस की पकड़ से कोसों दूर हैं।

सदर कोतवाली में सबसे ज्यादा बाइक चोरी
चोरी की सबसे अधिक घटनाएं सदर कोतवाली क्षेत्र में देखने को मिल रही हैं, जहाँ आए दिन गाड़ियां गायब होने की शिकायतें दर्ज हो रही हैं। चोर केवल सड़कों या बाजारों से ही नहीं, बल्कि लोगों के घरों के बाहर से भी गाड़ियां उठा रहे हैं। इसके अलावा मुगलसराय कोतवाली, सकलडीहा और धीना थाना क्षेत्रों में भी चोरों ने अपना जाल बिछा रखा है। यहाँ चोर विशेष रूप से उन बंद घरों को अपना निशाना बना रहे हैं, जहां परिवार किसी काम से बाहर गया हो। ताला बंद घरों की रेकी कर चोर वहां रखी नकदी और कीमती गहनों पर आसानी से हाथ साफ कर रहे हैं।

धार्मिक स्थलों पर भी नहीं रहा चोरों का खौफ
हैरानी की बात यह है कि चोरों के मन में अब भगवान और धार्मिक आस्था का भी कोई डर नहीं रह गया है। इलिया और शाहबगंज क्षेत्र के कई प्रमुख मंदिरों से चोरों द्वारा तांबे और पीतल के घंटे चोरी करने के मामले सामने आए हैं। धार्मिक स्थलों पर हुई इन चोरियों के बाद से स्थानीय भक्तों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि जब भगवान के घर ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा।

पुलिस की गश्त पर सवाल, लोग खुद दे रहे पहरा
लगातार हो रही इन घटनाओं ने चंदौली पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। आम जनता का साफ कहना है कि अगर पुलिस की गश्त और निगरानी प्रभावी होती, तो इतनी कम अवधि में इतनी बड़ी संख्या में चोरियां कभी नहीं होतीं। पुलिस प्रशासन के ढीले रवैये को देखते हुए कई मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों के लोगों ने अब अपने वाहनों और घरों की सुरक्षा के लिए रात के समय स्वयं लाठी-डंडा लेकर पहरा देना शुरू कर दिया है।

पुलिस के सामने अपराधियों को पकड़ने की बड़ी चुनौती
बढ़ते अपराधों ने चंदौली पुलिस के सामने इन शातिर अपराधियों तक पहुंचने की एक बहुत बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि लंबित मामलों का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए। आमजन का कहना है कि यदि इन चोरों के खिलाफ तुरंत सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो अपराधियों के हौसले और ज्यादा बुलंद हो जाएंगे। जनता ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और गश्त टीम की जवाबदेही तय करने की मांग की है।