नौकरी का झांसा देकर महिलाओं का बनाते थे अश्लील वीडियो, बंधक बनाने वाली फर्जी CBI अफसर का ब्लैकमेलिंग गैंग अरेस्ट
चंदौली पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम ने महिलाओं को नौकरी व मकान का झांसा देकर बंधक बनाने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और फिरौती वसूलने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। सरगना समेत चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
नौकरी दिलाने के नाम पर ब्लैकमेलिंग का खेल
फर्जी पुलिस और सीबीआई अफसर बनकर उगाही
मुगलसराय पुलिस और साइबर सेल की कार्रवाई
अश्लील वीडियो बनाकर मांगते थे लाखों फिरौती
टॉर्चर किट और फर्जी दस्तावेज बरामद
चंदौली जिले की मुगलसराय थाना पुलिस, साइबर सेल और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में एक ऐसे खतरनाक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो महिलाओं को निशाना बनाता था। यह गिरोह महिलाओं को नौकरी देने या मकान दिखाने के बहाने बुलाता था, फिर उन्हें बंधक बनाकर मारपीट करता था। इसके बाद फर्जी पुलिस या अधिकारी बनकर अश्लील वीडियो तैयार किए जाते थे और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये की रंगदारी वसूली जाती थी। पुलिस ने इस गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार कर लिया है।
नौकरी का झांसा देकर महिलाओं का बनाते थे अश्लील वीडियो, बंधक बनाने वाली फर्जी CBI अफसर का ब्लैकमेलिंग गैंग अरेस्ट
— Chandauli Samachar (@chandaulinews) August 28, 2026
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दो पीड़िताओं ने बयां की खौफनाक आपबीती, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस के अनुसार, 27 अगस्त 2026 को थाना मुगलसराय में दो अलग-अलग पीड़िताओं ने आपबीती सुनाई। एक पीड़िता ने शिकायत में बताया कि 14 मई को उसे नौकरी दिलाने के बहाने रामनगर से डहिया स्थित एक मकान में ले जाया गया। वहां उसे दो दिन तक बंधक बनाकर रखा गया, मारपीट की गई और एक लड़के के साथ अश्लील वीडियो बनाकर परिजनों से 30 हजार रुपये नकद और लगभग 75 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराए गए।
वहीं, दूसरी पीड़िता ने बताया कि 16 अगस्त को ऑनलाइन मकान देखने के नाम पर उसे बुलाया गया और बंधक बनाकर निर्वस्त्र कर वीडियो बनाया गया। उससे 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और खाते से 1.14 लाख रुपये जबरन ट्रांसफर करा लिए गए। पीड़िता रात के अंधेरे में छत के रास्ते भागकर किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रही।
ठगी का शिकार होने के बाद रची ब्लैकमेलिंग की साजिश
पुलिस तफ्तीश में सामने आया कि प्रयागराज निवासी विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी इस गिरोह का सरगना है। वह पहले एक वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन एस्कॉर्ट सर्विस चलाता था। वर्ष 2023 में जब एक महिला ने उसके साथ धोखाधड़ी की, तो उसने बदला लेने और जल्दी पैसे कमाने के लिए अपने साथियों के साथ मिलकर यह खतरनाक साजिश रची। गिरोह के सदस्य महिलाओं को तय जगह पर बुलाते थे और फिर फर्जी पुलिस टीम बनकर डराते-धमकाते थे।
डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी से हुई गिरफ्तारी, महिला बनी थी फर्जी सीबीआई अफसर
मुखबिर की सूचना पर 28 अगस्त 2026 को पुलिस टीम ने डहिया बद्रीपुरम कॉलोनी स्थित एक मकान पर दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में विजय कुमार गुप्ता उर्फ रॉकी, उसका भाई कृष्ण कुमार गुप्ता, रामनगर निवासी विशम्भर विश्वकर्मा और विजय की पत्नी अंजली गुप्ता शामिल हैं। जांच में पता चला कि आरोपी अंजली गुप्ता खुद को सीबीआई (CBI) अधिकारी बताकर महिलाओं को डराती थी और फर्जी आईडी-खातों के जरिए फिरौती के पैसों का लेनदेन संभालती थी।
टॉर्चर किट, नकदी और फर्जी पहचान पत्र बरामद, एसपी ने दी जानकारी
पुलिस ने गिरोह के पास से 8 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 72,300 रुपये नकद, 9 एटीएम कार्ड, फर्जी पहचान पत्र (आधार, पैन, वोटर आईडी), कई बैंकों की पासबुक-चेकबुक, एक वाई-फाई डिवाइस, एक टॉर्चर किट, एक पल्सर बाइक और एक स्कूटी बरामद की है। दोनों वाहनों को सीज कर दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल ने बताया कि इस संगठित गिरोह के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही गिरोह के अन्य नेटवर्क और जुड़े हुए लोगों का भी पता लगाया जा रहा है ताकि उन पर भी सख्त शिकंजा कसा जा सके।