अपराधियों पर कसने लगा शिकंजा, चकिया थाने के 6 शातिर बदमाशों पर लगा गुण्डा एक्ट

 

चंदौली जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चकिया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इलाके में भय और दहशत फैलाने वाले 6 शातिर और अभ्यस्त अपराधियों पर गुण्डा एक्ट के तहत शिकंजा कसा गया है। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

 
 

चकिया पुलिस की अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई

छह शातिर बदमाशों पर लगा गुण्डा एक्ट

चोरी, पशु तस्करी और नशीले पदार्थों के आरोपी

चकिया प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह की कार्रवाई

चंदौली जिले में शांति व्यवस्था पर जोर

चंदौली जिले में शांति और कानून व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में उच्च अधिकारियों के निर्देशन में कोतवाली चकिया पुलिस ने इलाके में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले 06 अभ्यस्त और शातिर अपराधियों के खिलाफ 10 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की है।

इलाके में डर फैलाने वाले अपराधियों पर कसा शिकंजा
चकिया कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह और उनकी टीम ने क्षेत्र में भय, दहशत और अशांति फैलाने वाले बदमाशों को चिह्नित किया। पुलिस टीम की जांच में पाया गया कि ये छह आरोपी लंबे समय से लगातार कई तरह के अपराधों में लिप्त हैं। जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने इन सभी के खिलाफ गुण्डा एक्ट की संस्तुति की।

कार्रवाई की जद में आए 6 अभियुक्त और उनका आपराधिक इतिहास
पुलिस की इस कार्रवाई में शामिल आरोपियों में प्रहलाद शर्मा (गांधीनगर, चकिया) पर चोरी व एनडीपीएस एक्ट के मामले दर्ज हैं। मोनू उर्फ मियानू (सिकंदरपुर) पर चोरी और बीएनएस की धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। नरसिंह चौहान (मोहम्मदाबाद) तथा जावेद नाई (बेलावर) पर गो-तस्करी और गैंगस्टर एक्ट जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। इसके अलावा राजन सोनकर (इंदिरा नगर) और अखिलेश कुमार गुप्ता (दूबेपुर) के खिलाफ मारपीट और चोरी से जुड़े आपराधिक केस दर्ज हैं।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम
इस कार्रवाई को सफलता पूर्वक अंजाम देने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल राकेश राय और रिक्रूट कांस्टेबल अमित दुबे शामिल रहे।

शांति व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश
चकिया पुलिस का कहना है कि आपराधिक मानसिकता वाले लोगों और सार्वजनिक शांति बिगाड़ने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी ऐसे अपराधियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक और निरोधात्मक कार्रवाई जारी रहेगी ताकि आम नागरिक निर्भीक होकर रह सकें।