अपराधियों के फर्जी जमानतदार गिरोह पर एक्शन, 2 शातिर जमानतदार गिरफ्तार, कचहरी में मचा हड़कंप
चंदौली क्राइम ब्रांच ने फर्जी जमानतदार बनकर अपराधियों को जेल से छुड़ाने वाले गिरोह के दो वांछित अभियुक्तों को मझवार रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है। इन जालसाजों ने गैंगेस्टर एक्ट और गंभीर धाराओं के आरोपियों की फर्जी तरीके से जमानत ली थी।
फर्जी जमानतदार गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
मझवार रेलवे स्टेशन के पास से हुई गिरफ्तारी
गैंगेस्टर एक्ट के आरोपियों की ली थी जमानत
क्राइम ब्रांच की विवेचना सेल ने की कार्रवाई
बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज
चंदौली जिले में अपराधियों को फर्जी तरीके से जमानत दिलाकर जेल से बाहर लाने वाले गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। उच्चाधिकारियों के निर्देशन में क्राइम ब्रांच की विवेचना सेल ने तत्परता दिखाते हुए फर्जी जमानतदार वाले अभियोग में वांछित चल रहे दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी मझवार रेलवे स्टेशन के समीप से की गई है, जहाँ से दोनों भागने की फिराक में थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों के ऐसे हैं कारनामे
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान उनके पते और पिछले रिकॉर्ड के साथ सार्वजनिक की गई है, ताकि लोगों को ऐसे शातिर अपराधियों के बारे में जानकारी मिल सके।
1-मुरारी (65 वर्ष): निवासी ग्राम खिलची, थाना इलिया। इसने थाना सकलडीहा में दर्ज गैंगेस्टर एक्ट (मुकदमा अपराध संख्या 147/2024) के आरोपी लालू (शाहजहाँपुर निवासी) की फर्जी जमानत ली थी।
2-अब्दुल शाह अली (55 वर्ष): निवासी ग्राम बरांव, थाना इलिया। इसने कैमूर (बिहार) निवासी अभियुक्त चन्देल अहमद की फर्जी जमानत ली थी, जो बीएनएस की धारा 305ए और 317(2) के तहत गंभीर मामलों में वांछित था।
कैसे हुआ गिरफ्तारी का घटनाक्रम?
पुलिस के अनुसार, ये दोनों अभियुक्त काफी समय से वांछित चल रहे थे और पुलिस की पकड़ से दूर थे। निरीक्षक राजेश कुमार मौर्य के नेतृत्व वाली क्राइम ब्रांच टीम को गुप्त सूचना मिली कि दोनों अभियुक्त जिले से बाहर भागने की योजना बना रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर मझवार रेलवे स्टेशन से मुरारी और अब्दुल शाह अली को धर दबोचा। इनके खिलाफ थाना चंदौली में बीएनएस की विभिन्न धाराओं जैसे 318(4), 338, 336(3) और अन्य सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज है।
इस सफल कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में निम्नलिखित सदस्यों में क्राइम ब्रांच विवेचना सेल के निरीक्षक राजेश कुमार मौर्य, हेड कांस्टेबल विनय यादव व कांस्टेबल रवि प्रकाश शामिल थे।
कचहरी और अपराधियों में खौफ
इस गिरफ्तारी के बाद कचहरी परिसर में सक्रिय फर्जी जमानतदारों के बीच हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा रैकेट हो सकता है, जो बाहरी जनपदों और राज्यों के अपराधियों को फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमानत दिलाने का काम करता है। पुलिस अब इन अभियुक्तों से पूछताछ कर रही है ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचा जा सके।