साइबर क्राइम पर चन्दौली पुलिस का वज्रप्रहार; 9 टीमों की ताबड़तोड़ छापेमारी, म्यूल खातों से ठगी करने वाले दबोचे गए

 

चन्दौली पुलिस ने 'साइ-वज्र' महाअभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की 9 टीमों ने छापेमारी कर 1.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के 12 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।

 
 

'साइ-वज्र' अभियान में बड़ी सफलता

12 शातिर साइबर ठग गिरफ्तार

1.80 करोड़ की ठगी का खुलासा

1.40 करोड़ की रकम होल्ड

उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों के हौसले पस्त करने के लिए पुलिस महानिदेशक (DGP) के निर्देश पर प्रदेशव्यापी "साइ-वज्र" (CYVAJRA) अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) वाराणसी जोन और उपमहानिरीक्षक (DIG) वाराणसी परिक्षेत्र के कुशल मार्गदर्शन में चन्दौली पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई की है। इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए चन्दौली साइबर सेल, साइबर क्राइम थाना और जिले के विभिन्न थानों को मिलाकर कुल 09 विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों ने योजनाबद्ध तरीके से जिले के कई इलाकों में एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।

*1.80 करोड़ की ठगी, 14 जालसाजों पर शिकंजा*
पुलिस की इस चौतरफा घेराबंदी के दौरान म्यूल खाता (फर्जी बैंक अकाउंट), संदिग्ध मोबाइल नंबरों, संदिग्ध चेक विड्राल और एटीएम से अवैध निकासी के माध्यम से देश भर के लोगों को चूना लगाने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस टीमों ने कुल 14 शातिर अभियुक्तों को चिन्हित करते हुए जिले के अलग-अलग थानों में 11 गंभीर मुकदमे दर्ज किए हैं।

इनमें से 12 अभियुक्तों को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पकड़े गए इन जालसाजों के खिलाफ भारत के विभिन्न राज्यों और जनपदों से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP Portal) पर 51 से अधिक शिकायतें पहले से दर्ज थीं। इस गिरोह ने कुल 1.80 करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दिया था, जिसमें से पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 1.40 करोड़ रुपये की भारी-भरकम धनराशि को विभिन्न बैंक खातों में होल्ड (लीन) करा दिया है।

*जानिए गिरफ्तार हुए आरोपियों का पूरा विवरण*
चन्दौली पुलिस की गिरफ्त में आए शातिर अपराधियों की सूची और उनके पते इस प्रकार हैं:--

* वीरेन्द्र कुमार: पुत्र महेन्द्र कुमार, निवासी बर्थरा खुर्द, थाना चन्दौली।

* आशीष पटवा: पुत्र सत्यदेव पटवा, निवासी बबुरी बाजार, थाना बबुरी।

* सोनी: पुत्री शिवपूजन, निवासी शाहपुर, थाना चकिया।

* सतीश राय: पुत्र भरत भूषण राय, निवासी मोहल्ला तालपुरा, थाना नवाबाद (झांसी)।

* शेखर कुश्वाहा: पुत्र लक्ष्मी राम, निवासी भोगवार, थाना अलीनगर।

* सुभम उर्फ शिवम उर्फ प्रियांसू: पुत्र अमर सिंह, निवासी न्यू नवदिया ग्वाल टोली, सिद्धार्थ नगर, थाना फतेहगढ़ (फरुखाबाद)।

* साजिद अंसारी: पुत्र फारुक अली, निवासी वार्ड नंबर-12, कस्बा चकिया, थाना चकिया।

* विकास कुमार: पुत्र शिवकुमार, निवासी इन्द्रानगर, थाना चन्दौली।

* मनोज यादव: पुत्र श्यामलाल यादव, निवासी मिश्रपुरा कल्यानपुर, थाना सैयदराजा।

* शिवजनम: पुत्र स्व. महादेव, निवासी माँ काली नगर, कस्बा चकिया, थाना चकिया।

* धर्मू चौहान: पुत्र स्व. सुक्खू, निवासी म.नं.-107, हरिशंकरपुर, थाना मुगलसराय।

* दीपक सिंह: पुत्र स्व. अवधेश, निवासी पुन्न नगर, थाना रडियर पलियम (पाण्डिचेरी), हाल पता- वीडीए कालोनी, ब्लॉक सी-45, चांदमारी, बड़ालालपुर (वाराणसी)।

*ठगी के लिए अपनाते थे ये 5 शातिर तरीके*
साइबर पुलिस की तफ्तीश में इन अपराधियों के काम करने के बेहद चौंकाने वाले तरीके सामने आए हैं:--

*म्यूल बैंक अकाउंट:* ये अपराधी भोले-भले लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर सेविंग या करंट अकाउंट खुलवाते थे। फिर इन खातों का इस्तेमाल इन्वेस्टमेंट, गेमिंग और ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए ठगी गई रकम को मंगाने में करते थे।

*संदिग्ध मोबाइल नंबर व सोशल मीडिया:* बदमाशों द्वारा फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर ग्रुप बनाए जाते थे। यहाँ लोगों को घर बैठे तगड़ी कमाई, ऑनलाइन टास्क पूरा करने और शेयर ट्रेडिंग के नाम पर फंसाया जाता था।

*संदिग्ध चेक और एटीएम विड्राल:* फर्जी खातों (म्यूल अकाउंट) में जैसे ही ठगी की रकम आती थी, ये लोग संदिग्ध चेक और एटीएम कार्ड के जरिए तुरंत कैश निकालकर रफूचक्कर हो जाते थे।

*एनसीएमईसी (टिपलाइन) का उल्लंघन:* कुछ आरोपी मोबाइल में अश्लील वीडियो और अश्लील फोटो का अवैध रूप से भंडारण करते थे और उन्हें इंटरनेट पर अपलोड करने के गंभीर अपराध में भी संलिप्त पाए गए हैं।

*पुलिस टीमों ने दर्ज किए 11 मुकदमे*
इस बड़े रैकेट को ध्वस्त करने के लिए जिले के साइबर क्राइम थाने और चकिया थाने में गंभीर धाराओं के तहत 11 मुकदमे पंजीकृत किए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से मुकदमा अपराध संख्या- 14/2026, 20/2026, 19/2026, 21/2026, 18/2026, 22/2026, 12/2026, 93/2026, 23/2026, और 17/2026 शामिल हैं, जो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) व आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत दर्ज हैं। इसके अलावा थाना चकिया में मु.अ.सं.- 175/2026 के तहत पॉक्सो एक्ट की धारा 15 और 66बी आईटी एक्ट का मुकदमा भी दर्ज किया गया है।

इस पूरे शानदार ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व साइबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक (SI) मिर्जा रिजवान बेग और उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला ने किया। टीम में कांस्टेबल अनिल कुमार, संतोष कुमार यादव, मनोज चौहान, राहुल यादव, मोहम्मद नौशाद, अंकित कुमार गिरी और साइबर क्राइम थाने के विवेचक चंद्रकेश शर्मा शामिल रहे।

 चन्दौली की आम जनता से जरूरी अपील
इस बड़ी कार्रवाई के बाद चन्दौली पुलिस ने आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए कुछ बेहद जरूरी गाइडलाइंस और सुरक्षा के तरीके साझा किए हैं:--

*1-लालच से बचें* : किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन कॉल या इंटरनेट पर दिखने वाले लुभावने विज्ञापन, लॉटरी और तगड़े मुनाफे वाले झांसे में आकर अपनी निजी व बैंकिंग जानकारी बिल्कुल साझा न करें।

*2-खाता किराए पर न दें:* नौकरी लगवाने या कमीशन देने के नाम पर अपने दस्तावेज देकर किसी दूसरे के लिए बैंक खाता न खुलवाएं। ऐसा करने पर आपका खाता फ्रीज हो सकता है और आप जेल भी जा सकते हैं।

*3-प्रतिबंधित ऐप से दूरी:* भारत सरकार द्वारा पैसों से संबंधित कई संदिग्ध गेमिंग ऐप्स को पूरी तरह से बैन कर दिया गया है। अनजान लिंक से ऐसे ऐप्स डाउनलोड करने पर आपकी जमापूंजी गायब हो सकती है।

*तुरंत यहाँ करें शिकायत*
यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी का शिकार होते हैं, तो बिना देर किए 24 घंटे के भीतर राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा आप सरकार की आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर या अपने नजदीकी थाने के साइबर हेल्पडेस्क पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। किसी भी सहायता के लिए साइबर सेल चन्दौली के मोबाइल नंबर 7839873018 पर संपर्क किया जा सकता है।