Shootout Case: इलिया गोलीकांड का 24 घंटे में खुलासा, बिहार भाग रहे शूटर और चालक गिरफ्तार
चंदौली के इलिया में जमीन विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष और फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। फरार आरोपियों को अवैध असलहों और घटना में प्रयुक्त कार के साथ घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया गया है। पूरी साजिश और गिरफ्तारी की रोमांचक रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
जमीन विवाद में जानलेवा हमला
बिहार भागते समय आरोपी गिरफ्तार
अवैध पिस्टल और कार बरामद
एसपी के निर्देशन में बड़ी सफलता
इलिया पुलिस की त्वरित कार्रवाई
चंदौली जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इलिया थाना पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के कुशल निर्देशन में टीम ने महज 24 घंटे के भीतर फायरिंग की घटना का सफल अनावरण करते हुए दो मुख्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए बदमाशों के पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और वाहन भी बरामद किए गए हैं।
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, बीते 11 जनवरी 2026 को ग्राम निवासी तेजबली चौहान को पुरानी रंजिश और जमीन विवाद के चलते निशाना बनाया गया था। मुख्य आरोपी रवि उर्फ शशिकांत मिश्रा ने पिंटू चौहान के इशारे पर अपनी गाड़ी से घेरकर तेजबली पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी थी। इस जानलेवा हमले में तेजबली गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घायल को अस्पताल पहुंचाया और तहरीर के आधार पर बीएनएस की धारा 109(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
घेराबंदी कर बनरसिया माइनर के पास से दबोचा
विवेचना के दौरान सोमवार 12 जनवरी को पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी बिहार भागने की फिराक में हैं। इलिया थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने बनरसिया माइनर तिहारा (ग्राम बेन) के पास सघन चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध बलेनो कार को रुकने का इशारा किया। घेराबंदी कर पुलिस ने अभियुक्त रवि उर्फ शशिकांत मिश्रा और उसके चालक प्रदीप कुमार गौतम को धर दबोचा।
हथियार और कार बरामद, पूछताछ में हुआ खुलासा
गिरफ्तार अभियुक्तों की तलाशी लेने पर उनके पास से 01 अवैध पिस्टल, 05 जिंदा कारतूस और 02 मैगजीन बरामद हुई। साथ ही घटना में इस्तेमाल की गई बलेनो कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है। पूछताछ में अभियुक्तों ने कबूल किया कि उन्होंने तेजबली चौहान को जान से मारने की नीयत से ही गोली मारी थी। घटना को अंजाम देने के बाद वे प्रयागराज के रास्ते बिहार छिपने जा रहे थे, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। फिलहाल पुलिस पिंटू चौहान की भूमिका की भी गहनता से जांच कर रही है।