सदर कोतवाली में महिला सिपाही से छेड़खानी को दबाते रहे दरोगा और इंस्पेक्टर, ऐसे दर्ज हुयी FIR
चंदौली जिले की सदर कोतवाली में तैनात एक महिला सिपाही के साथ साथी सिपाही अमित कुमार द्वारा बदसलूकी का मामला सामने आया है। न्याय के लिए भटकती पीड़िता की गुहार एसपी ने सुनी, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।
महिला सिपाही से साथी ने की बदसलूकी
एसपी के हस्तक्षेप पर दर्ज हुआ मुकदमा
CCTNS कक्ष में हुई शर्मनाक वारदात
मिशन शक्ति के दावों की खुली पोल
दरोगा और इंस्पेक्टर देते रहे समझौता ज्ञान
चंदौली जिले में महिला सुरक्षा के दावों के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सदर कोतवाली में तैनात एक महिला कांस्टेबल ने अपने ही विभाग के साथी सिपाही अमित कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना बुधवार दोपहर करीब 2:00 बजे की है, जब महिला सिपाही अपनी छोटी बच्ची को भूख लगने पर दूध पिलाने के लिए CCTNS कक्ष में गई थी।
आरोप है कि उसी दौरान क्वार्टर गार्ड पर तैनात सिपाही अमित कुमार कक्ष में घुस गया और महिला के विरोध करने पर उसके साथ छेड़खानी वाले शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बदतमीजी की। न्याय के लिए एसपी कार्यालय में बहाने पड़े आंसू महिला अपराधों पर अंकुश लगाने का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस के भीतर ही जब महिला सिपाही असुरक्षित महसूस करने लगी, तो वह शिकायत लेकर पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पास पहुंची।
वहां भी पीड़िता को पुलिसिया सिस्टम के उस चेहरे का सामना करना पड़ा जो अक्सर आम नागरिक झेलते हैं। एसपी कार्यालय के बाहर मौजूद अन्य थानों के दरोगा और इंस्पेक्टर पीड़िता को शिकायत न करने और मामले को दबाने का 'ज्ञान' देते रहे। इस विभागीय दबाव और बदसलूकी के दर्द से बेहाल महिला सिपाही की आंखों से आंसू छलक पड़े, लेकिन वह अपने फैसले पर अडिग रही।
एसपी के निर्देश पर सिपाही अमित कुमार पर मुकदमा दर्ज
जब मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में आया, तो उन्होंने घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। एसपी के कड़े रुख के बाद देर शाम सदर कोतवाली में आरोपी सिपाही अमित कुमार के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 0112/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 के अंतर्गत मामला पंजीकृत किया गया।
मिशन शक्ति और विभागीय सुरक्षा पर सवाल
यह घटना उस समय सामने आई है जब प्रदेश में 'मिशन शक्ति' के तहत महिलाओं को जागरूक करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। विभाग के भीतर ही महिला कर्मचारी का असुरक्षित होना और फिर शिकायत दर्ज कराने के लिए उसे संघर्ष करना, पुलिस विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।