चंदौली में'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत एक साथ 4 अपराधियों को मिली सजा, जानें क्या थे सबके अपराध
उत्तर प्रदेश के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत चंदौली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वैज्ञानिक विवेचना और प्रभावी पैरवी से विभिन्न मामलों में 4 दोषियों को अर्थदंड और कारावास की सजा सुनाई गई है।
ऑपरेशन कन्विक्शन चंदौली पुलिस सफलता
गोवध निवारण अधिनियम में सजा
एनडीपीएस एक्ट के दोषियों पर कार्रवाई
पुलिस की प्रभावी पैरवी और साक्ष्य
चंदौली जिला न्यायालय का बड़ा फैसला
चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत चंदौली पुलिस ने न्याय प्रक्रिया को गति देते हुए बड़ी सफलता प्राप्त की है। पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, अचूक साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजकों की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप चंदौली के विभिन्न थानों से संबंधित चार अलग-अलग मुकदमों में अपराधियों को सजा दिलाई गई है।
चकिया कांड: गोवध निवारण में सजा
चकिया थाना क्षेत्र के एक पुराने मामले (मुकदमा अपराध संख्या- 168/2001) में, जिसमें अभियुक्त पप्पू पुत्र कान्ता बियार पर गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज था, न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट चकिया, कुँवर जितेन्द्र प्रताप सिंह की अदालत ने अभियुक्त को जेल में बिताई गई अवधि और 2500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न चुकाने पर उसे अतिरिक्त 3 दिन का कारावास भुगतना होगा।
मुगलसराय थाना: पशु क्रूरता मामले में फैसला
मुगलसराय थाना क्षेत्र के वर्ष 2004 के मामले (मुकदमा अपराध संख्या- 235/2004) में अभियुक्त अरविन्द राय पुत्र बब्बन राय को दोषी पाया गया। प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी और उनकी टीम की प्रभावी पैरवी के चलते सिविल जज (जू.डि.)/एफटीसी प्रथम, सुश्री शिवानी की अदालत ने अभियुक्त को जेल में बिताई गई अवधि और 1600 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर 7 दिन का अतिरिक्त कारावास तय किया गया है।
अलीनगर: एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई
अलीनगर थाना क्षेत्र के एनडीपीएस एक्ट (मुकदमा अपराध संख्या- 189/2021) से जुड़े मामले में अभियुक्त बलिराम यादव पुत्र रामदीन को दोषी करार दिया गया। एएसजे कक्ष संख्या-1 के पीठासीन अधिकारी श्री अशोक कुमार-XI ने अभियुक्त को 20 दिन के कारावास और 500 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न जमा करने पर अभियुक्त को 5 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
बलुआ थाना: चोरी और बरामदगी मामले में न्याय
बलुआ थाना क्षेत्र के वर्ष 2004 के मामले (मुकदमा अपराध संख्या- 78/2004), जो धारा 379 और 411 आईपीसी से संबंधित था, में अभियुक्त जगदीश पुत्र मुन्नू को दोषी पाया गया। अदालत ने अभियुक्त को जेल में बिताई गई अवधि और 2000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर 7 दिन का अतिरिक्त कारावास प्रावधानित किया गया है।
ऑपरेशन कन्विक्शन की महत्ता
इन सभी मामलों में चंदौली पुलिस के मानिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी के नेतृत्व में संबंधित थानों के पैरोकारों (कांस्टेबल दुर्गेश कुमार यादव, हेड कांस्टेबल अश्वनी राय, कांस्टेबल संजय कुमार यादव और कांस्टेबल बृजेश सरोज) ने केस की डायरी से लेकर साक्ष्य प्रस्तुत करने तक की प्रक्रिया में तत्परता दिखाई। अभियोजन पक्ष के लोक अभियोजकों (विजय पाण्डेय, नितेश तिवारी, संजय कुमार त्रिपाठी) की प्रभावी पैरवी ने न्याय के सफर को निर्णायक बनाया।
चंदौली पुलिस की यह सक्रियता न केवल अपराधियों में भय पैदा कर रही है, बल्कि आम नागरिकों में कानून के प्रति भरोसा भी मजबूत कर रही है। पुलिस का यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा, ताकि लंबित मामलों में न्याय की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जा सके।