'ऑपरेशन कन्विक्शन' का बड़ा असर: 5 अलग-अलग मामलों में 5 अभियुक्तों को मिली सजा और जुर्माना

चंदौली जिले में पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया है। अलग-अलग मामलों में NDPS एक्ट, आर्म्स एक्ट, पशु क्रूरता और मारपीट के 5 अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा और जुर्माना सुनाया गया।
 

चंदौली पुलिस का ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान

5 अलग मामलों में 5 दोषियों को सजा

NDPS और आर्म्स एक्ट में कोर्ट का फैसला

चकिया व मुगलसराय कोर्ट का बड़ा फैसला

चंदौली पुलिस की प्रभावी पैरवी से मिली सजा

चंदौली जिले में अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वैज्ञानिक विवेचना और कोर्ट में मजबूत पैरवी के चलते थाना चकिया पर पंजीकृत एनडीपीएस एक्ट के मामले में फैसला आया है।

10 सितंबर 2026 को सिविल जज जूनियर डिवीजन/जेएम चकिया न्यायालय ने अभियुक्त हरिओम (निवासी खोजापुर, थाना चकिया) को दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे न्यायालय उठने तक की सजा और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस मामले में एपीओ विजय कुमार पाण्डेय और हे0का0 वीर बहादुर की पैरवी सराहनीय रही।

आर्म्स एक्ट में बृजेश और अयूब को मिली सजा
आर्म्स एक्ट से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में भी अभियुक्तों को सजा सुनाई गई। थाना चकिया में दर्ज मुकदमे में अभियुक्त बृजेश यादव (निवासी गोगहरा, थाना बबुरी) को 10 सितंबर 2026 को न्यायालय ने जेल में बिताई गई अवधि की सजा और 2000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।

वहीं, थाना मुगलसराय से जुड़े वर्ष 2019 के आर्म्स एक्ट मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 11 सितंबर 2026 को अभियुक्त अयूब शाह (निवासी हुकुलगंज, कैंट वाराणसी) को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे जेल में बिताई गई अवधि और 2000 रुपये जुर्माने की सजा दी। जुर्माना न भरने पर 2 दिन अतिरिक्त जेल काटनी होगी।

गृह अतिचार व मारपीट मामले में राजेश दोषी करार
थाना मुगलसराय पर पंजीकृत वर्ष 1995 के धारा 452 और 323 (मारपीट व अनधिकृत प्रवेश) के मामले में सिविल जज जू0डि0/एफटीसी प्रथम चंदौली की अदालत ने बड़ा फैसला दिया।

10 सितंबर 2026 को अभियुक्त राजेश (निवासी मुगलसराय) को कोर्ट ने दोषी ठहराते हुए न्यायालय उठने तक की सजा और 2000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर उसे 3 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। इसमें एपीओ विजय कुमार पाण्डेय और हे0का0 अश्वनी राय ने मजबूत पैरवी की।

पशु क्रूरता निवारण अधिनियम में संदीप को अर्थदंड
इसके अलावा, थाना इलिया पर पंजीकृत वर्ष 2024 के पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के मुकदमे में भी अदालत ने फैसला सुनाया। 10 सितंबर 2026 को सिविल जज जू0डि0/जेएम चकिया ने अभियुक्त संदीप यादव (निवासी बैरा, थाना चकिया) को दोषी करार दिया।

अदालत ने संदीप को न्यायालय उठने तक की सजा और 50 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस केस में एपीओ विजय कुमार पाण्डेय और कांस्टेबल प्रियांशु प्रजापति की प्रभावी पैरवी के चलते समय से न्याय मिल सका।