ऑपरेशन कन्विक्शन' का बड़ा एक्शन, गैंगस्टर और एनडीपीएस एक्ट के 6 आरोपियों को अदालत ने सुनाई सजा
चंदौली में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत पुलिस और अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी से गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस कानून के तहत 6 अपराधियों को अदालत ने सजा सुनाई है। जानिए किस आरोपी को कितने साल की जेल और कितना जुर्माना लगा।
चंदौली में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' का बड़ा असर
गैंगस्टर एक्ट के 5 आरोपियों को जेल
केशरी सिंह को मिली 6 साल की सजा
एनडीपीएस एक्ट के आरोपी मनोज को सजा
पुलिस और अभियोजन की प्रभावी पैरवी सराहनीय
चंदौली जिले में अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने के लिए चलाया जा रहा 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान लगातार सफलता हासिल कर रहा है। पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, ठोस साक्ष्य संकलन और अदालत में अभियोजन पक्ष की मजबूत पैरवी के चलते 02 सितंबर 2026 को जिला अदालत ने गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस (NDPS) कानून के तहत कुल 6 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सजा और जुर्माने का फैसला सुनाया है।
बलुआ थाने के गैंगस्टर मामलों में कड़ा फैसला
थाना बलुआ में साल 2009 में दर्ज यूपी गैंगस्टर एक्ट के मामलों में माननीय न्यायालय श्री पारितोष श्रेष्ठ (एडीजे/एफटीसी-द्वितीय, जनपद चंदौली) की अदालत ने सुनवाई करते हुए महुअर कला गांव के रहने वाले 5 अभियुक्तों को दोषी ठहराया है। अदालत ने इन सभी को कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
केशरी सिंह को 6 साल की कठोर सजा
थाना बलुआ पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 45/2009 धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियुक्त केशरी सिंह (पुत्र राम किशुन सिंह, निवासी महुअर कला) को अदालत ने दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 06 साल के कारावास की सजा और 10,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जुर्माना न भरने की स्थिति में उसे 10 दिन की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
संतोष, अजीत, सुनील और धर्मराज को 3-3 साल की जेल
इसी क्रम में महुअर कला गांव के ही 4 अन्य अभियुक्तों—संतोष सिंह (पुत्र लक्ष्मी सिंह), अजीत सिंह (पुत्र गोपाल सिंह), सुनील सिंह (पुत्र जनार्दन सिंह) और धर्मराज सिंह (पुत्र रामलखन) को धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत 03-03 वर्ष के कारावास और 10,000-10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। यदि ये अभियुक्त जुर्माना अदा नहीं करते हैं, तो इन्हें 07-07 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
अलीनगर के एनडीपीएस मामले में भी सजा
दूसरी ओर, थाना अलीनगर पर साल 2015 में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 221/15 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट में भी अदालत ने फैसला सुनाया है। माननीय न्यायालय एएसजे/एफटीसी प्रथम की अदालत ने रोहड़ा गांव निवासी अभियुक्त मनोज बिंद (पुत्र स्व. रामकिशुन) को दोष सिद्ध पाया। अदालत ने उसे 20 दिन के साधारण कारावास और 13,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर उसे 03 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
पुलिस और अभियोजन टीम की भूमिका रही सराहनीय
इन सभी मामलों में अपराधियों को समय से सजा दिलाने और कानून का इकबाल कायम करने में पुलिस मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन अधिकारी श्री अवधेश कुमार पांडेय (एडीजीसी) तथा थाना बलुआ के पैरोकार कांस्टेबल बृजेश कुमार सरोज की प्रभावी और योजनाबद्ध पैरवी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। पुलिस प्रशासन के इस एक्शन से अपराधियों में हड़कंप व्याप्त है।