25 हजार का इनामी बदमाश दीपक बिंद गिरफ्तार, मिर्जापुर से चंदौली तक फैला था नेटवर्क; बाइक और नकदी बरामद
चंदौली पुलिस ने 25 हजार रुपये के इनामी अपराधी दीपक बिंद को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पंचायत भवनों से कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी करने वाले इस गिरोह का पर्दाफाश हो गया है। आरोपी के पास से नकदी और बाइक बरामद की गई है।
25 हजार का इनामी बदमाश दीपक बिंद गिरफ्तार
पंचायत भवन चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कामयाबी
मिर्जापुर का रहने वाला है शातिर अभियुक्त दीपक
चोरी की बाइक और नकदी के साथ दबोचा गया
मुगलसराय और सैयदराजा थानों में भी दर्ज हैं मुकदमे
चंदौली जनपद पुलिस ने अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देशानुसार वांछित अपराधियों की धरपकड़ के क्रम में, पुलिस टीम ने 25 हजार रुपये के इनामी शातिर चोर दीपक बिंद को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी कटसीला सर्विस लेन के पास से की गई है।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने बिछाया जाल
अपर पुलिस अधीक्षक अनंत चन्द्रशेखर और क्षेत्राधिकारी सदर देवेन्द्र कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में सक्रिय थी। दिनांक 07 फरवरी 2026 को मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की। मिर्जापुर जिले के थाना अदलहाट अंतर्गत ग्राम खेदन पुरवा सुरहा निवासी दीपक बिंद, जो काफी समय से वांछित चल रहा था, पुलिस की पकड़ में आ गया।
पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे
पुलिस की कड़ी पूछताछ में अभियुक्त दीपक बिंद ने बताया कि उसने अपने साथी कौशिक बिंद और रोहित कुमार मौर्य के साथ मिलकर 20 फरवरी 2025 की रात ग्राम पड़या के पंचायत भवन को निशाना बनाया था। गिरोह ने वहां से कंप्यूटर सेट, इनवर्टर, सीसीटीवी कैमरे, लैपटॉप और प्रिंटर जैसे कीमती उपकरण चोरी किए थे। चोरी किए गए सामान का कुछ हिस्सा मुगलसराय में खपाया गया था, जहाँ पुलिस ने उसके कुछ साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था।
बरामदगी और पुराना आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार अभियुक्त दीपक बिंद के कब्जे से पुलिस ने 1600 रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। अभियुक्त ने स्वीकार किया कि चोरी के सामान को बेचकर उसे अपने हिस्से में 6000 रुपये मिले थे, जिनमें से अधिकांश उसने खर्च कर दिए।
दीपक बिंद का पुराना आपराधिक इतिहास भी काफी लंबा है। उसके खिलाफ चंदौली के विभिन्न थानों जैसे मुगलसराय, सैयदराजा और चंदौली कोतवाली में चोरी और बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
इस गिरफ्तारी में प्रभारी निरीक्षक विजय बहादुर सिंह, उप-निरीक्षक मो. असलम और हेड कांस्टेबल सतीश चन्द यादव ने मुख्य भूमिका निभाई। पुलिस अधीक्षक ने इस सफलता पर टीम की सराहना की है। फिलहाल, गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्यवाही करते हुए उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।