ऑटो में सवारियों को लूटने वाला शातिर चोर सुजीत गिरफ्तार, जानें कैसे देते थे वारदात को अंजाम

 

चंदौली पुलिस ने ऑटो में सवारियों को निशाना बनाने वाले एक शातिर चोर सुजीत शर्मा को गिरफ्तार किया है। आरोपी यात्रियों के बैग और जेब से नकदी व जेवरात पार कर देता था। पुलिस ने वाहन और नकदी बरामद की है।

 
 

चंदौली में ऑटो चोर गिरफ्तार

शातिर चोर सुजीत शर्मा पकड़ा गया

सवारियों को लूटने वाला गिरोह

पुलिस ने ऑटो वाहन किया बरामद

चंदौली पुलिस की बड़ी कामयाबी

चंदौली जिले में अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार सख्त रुख अपना रही है। इसी क्रम में चंदौली कोतवाली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस टीम ने एक ऐसे शातिर चोर को गिरफ्तार किया है, जो ऑटो में सवारी बनकर लोगों का कीमती सामान और नकदी उड़ा देता था। पकड़े गए आरोपी के पास से पुलिस ने चोरी की नकदी और वारदात में इस्तेमाल किया गया ऑटो वाहन बरामद किया है।

क्या था पूरा मामला?
मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 17 मार्च 2026 को थाने पर एक वादी ने तहरीर दी थी। वादी ने शिकायत की थी कि 16 मार्च को उनकी पत्नी और पुत्र इलाहाबाद से मुगलसराय होते हुए टेंपो से चंदौली आ रहे थे। यात्रा के दौरान रास्ते में किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके ट्रॉली बैग का ताला तोड़कर उसमें रखे सोने का मंगलसूत्र, झाला और दो अंगूठियां चोरी कर लीं। पीड़ित की तहरीर पर चंदौली पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 107/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

पुलिस की मुस्तैदी और गिरफ्तारी
उच्चाधिकारियों के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक बिन्देश्वर प्रसाद पाण्डेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने गहन छानबीन की। मुखबिर की सटीक सूचना पर 28 अप्रैल 2026 को पुलिस ने मझवार स्टेशन के पास मंदिर के समीप घेराबंदी कर सुजीत शर्मा (26) पुत्र राजकुमार शर्मा को गिरफ्तार किया। आरोपी नई बस्ती आलूमिल, चंदौली का निवासी है। उसके कब्जे से 6700 रुपये नकद और घटना में प्रयुक्त ऑटो (नंबर UP65QT3978) बरामद किया गया।

चोरी का कबूलनामा और मॉडस ऑपरेंडी
पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। उसने बताया कि 16 मार्च की चोरी के सामान को बेचने पर उसे 25,000 रुपये का हिस्सा मिला था, जिसमें से अब 5200 रुपये ही बचे थे। साथ ही, उसने 15 अप्रैल 2026 को एक बुजुर्ग व्यक्ति को ऑटो में बैठाकर उनकी जेब से 4200 रुपये चोरी करने की बात भी कबूली। उसने बताया कि बुजुर्ग और महिलाओं को शिकार बनाना उनके लिए आसान होता है, क्योंकि जब तक उन्हें चोरी का पता चलता है, तब तक वे उन्हें दूर उतारकर निकल जाते हैं।

ऐसा है इनका अपराधिक इतिहास 
आरोपी का लंबा अपराधिक इतिहास है। उसके खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 107/2026 और मुकदमा अपराध संख्या 159/2026 (दोनों धारा 303(2) बीएनएस और वृद्धि धारा 317 बीएनएस) के तहत मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक बिन्देश्वर प्रसाद पाण्डेय, उप-निरीक्षक वीरेन्द्र यादव और कांस्टेबल बीर बहादुर व अरविंद कुमार शामिल थे। पुलिस अब इस मामले में आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है। यह गिरफ्तारी आम जनता के लिए एक सबक है कि यात्रा के दौरान सावधान रहें और अनजान वाहनों में सफर करते समय सतर्कता बरतें।