13 साल से फरार 50 हजार का इनामी पॉक्सो आरोपी गिरफ्तार, हिमाचल में छिपा ये था शातिर

 

चंदौली की मुगलसराय पुलिस ने 13 साल से फरार चल रहे 50,000 रुपये के इनामी पॉक्सो आरोपी रंजन सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। छेड़खानी के मामले में वांछित यह आरोपी हिमाचल प्रदेश में छिपकर रह रहा था।

 
 

50 हजार का इनामी पॉक्सो अपराधी गिरफ्तार

पिछले 13 वर्षों से चल रहा था फरार

हिमाचल प्रदेश में नाम बदलकर कर रहा था मजदूरी

मुगलसराय पुलिस टीम को मिली बड़ी सफलता

 चंदौली जिले में अपराधियों, वारंटियों और लंबे समय से फरार चल रहे शातिर बदमाशों के खिलाफ पुलिस का ताबड़तोड़ अभियान जारी है। इसी क्रम में पुलिस को एक बहुत बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मुगलसराय थाना पुलिस ने साल 2013 से लगातार फरार चल रहे और कानून की आंखों में धूल झोंक रहे 50,000 रुपये के इनामी पॉक्सो (POCSO) अपराधी को आखिरकार घेरकर गिरफ्तार कर लिया है। यह शातिर अपराधी पिछले 13 सालों से पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था।

13 साल पहले दर्ज हुआ था नाबालिग से छेड़खानी का केस
इस पूरे मामले की शुरुआत 8 नवंबर 2013 को हुई थी। मुगलसराय थाना क्षेत्र के गोबरिया प्लांट डिपो की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि आरोपी रंजन सिंह ने उनकी नाबालिग बेटी के साथ छेड़खानी की, विरोध करने पर गाली-गलौज दी और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 17 नवंबर 2013 को आरोपी रंजन सिंह के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 320/2013 के तहत छेड़खानी, पॉक्सो एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया था। जांच में आरोप सही पाए गए, लेकिन आरोपी तभी से फरार हो गया था।

कोर्ट से जारी हुआ था वारंट, पुलिस ने घोषित किया था 50 हजार का इनाम
आरोपी रंजन सिंह लगातार पुलिस की दबिश से बचता रहा और अपना घर छोड़कर अलग-अलग राज्यों में छिपकर रहने लगा। पुलिस ने उसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसके बाद 11 जुलाई 2022 को न्यायालय द्वारा उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया गया। इसके बावजूद वह हाजिर नहीं हुआ। उसकी लगातार फरारी को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चंदौली द्वारा पहले उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था, जिसे बाद में पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) द्वारा बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया।

सोचा मामला ठंडा पड़ गया है और आ गया पुलिस के जाल में
पुलिस उपमहानिरीक्षक वाराणसी परिक्षेत्र वैभव कृष्ण के निर्देशन में मुगलसराय पुलिस और मुखबिर तंत्र लगातार सक्रिय थे। 20 जून 2026 को पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी रंजन सिंह अपने इलाके गोबरिया प्लांट डिपो के पास देखा गया है। उप-निरीक्षक शिव पूजन बिन्द और कांस्टेबल अमित कुमार ने बिना वक्त गंवाए घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह 13 साल से हिमाचल प्रदेश में मजदूरी कर छिप रहा था। उसे लगा कि अब मामला बहुत पुराना हो चुका है और पुलिस उसे भूल चुकी होगी, इसी गलतफहमी में वह घर लौटा और पकड़ा गया। थानाध्यक्ष विजय प्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम अब आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कानूनी कार्रवाई कर रही है।