ऑपरेशन कन्विक्शन : गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को 2 साल की जेल, सुजीत राजभर को कारावास और अर्थदण्ड

 

उत्तर प्रदेश के "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत चंदौली पुलिस की सटीक पैरवी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट के आरोपी सुजीत कुमार राजभर को 2 वर्ष के कारावास और 10,000 रुपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।

 
 

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत मिली सजा

गैंगस्टर एक्ट के आरोपी को कारावास

एडीजीसी और मॉनिटरिंग सेल की प्रभावी पैरवी

2 वर्ष की जेल और 10,000 अर्थदण्ड

चंदौली न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला

उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार प्रदेश भर में चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत चंदौली पुलिस को एक और बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, अचूक साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट के एक अभियुक्त को कठोर सजा सुनाई है।

न्यायालय का कड़ा रुख: कारावास और जुर्माना
जनपद चंदौली के माननीय न्यायालय पीठासीन अधिकारी श्री पारितोष श्रेष्ठ (एएसजे एफटीसी-द्वितीय) ने मामले की सुनवाई करते हुए दोषी अभियुक्त सुजीत कुमार राजभर को 02 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 10,000 रुपये का अर्थदण्ड भी लगाया गया है। अर्थदण्ड न अदा करने की स्थिति में अभियुक्त को 07 दिवस की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।

क्या था पूरा मामला?
अभियुक्त सुजीत कुमार राजभर (पुत्र श्याम जी), निवासी नई बस्ती पाण्डेयपुर, थाना कैंट, वाराणसी के विरुद्ध 20 नवंबर 2023 को थाना चंदौली में धारा 3(1) यूपी गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध संख्या 319/2023 पंजीकृत किया गया था। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साक्ष्य जुटाए और चार्जशीट दाखिल की।

मॉनिटरिंग सेल की अहम भूमिका
इस सफलता में मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी, एडीजीसी अवधेश कुमार पाण्डेय और थाना चंदौली के पैरोकार हेड कांस्टेबल अजय कुमार की विशेष भूमिका रही। टीम की प्रभावी पैरवी और गवाहों के समयबद्ध साक्ष्य के चलते महज कुछ समय के भीतर ही अभियुक्त को सजा दिलाई जा सकी। "ऑपरेशन कन्विक्शन" की इस सफलता ने अपराधियों के बीच कड़ा संदेश भेजा है और न्याय प्रणाली के प्रति जनता का विश्वास सुदृढ़ किया है।