चंदौली में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' का बड़ा असर: गैंगस्टर और NDPS एक्ट के दो दोषियों को कोर्ट ने सुनाई सजा

 

चंदौली पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना और प्रभावी पैरवी ने दो अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया है। नौगढ़ के गैंगस्टर प्रद्युम और मुगलसराय के नशा तस्कर प्यारे लाल को अदालत ने सजा और अर्थदंड से दंडित किया है।

 
 

गैंगस्टर एक्ट के आरोपी प्रद्युम पटेल को 3 साल कारावास

नौगढ़ पुलिस की अचूक विवेचना से मिली सफलता

एनडीपीएस एक्ट के दोषी प्यारे लाल को कोर्ट ने दी सजा

ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत चंदौली पुलिस की बड़ी कामयाबी

न्यायाधीश पारितोष श्रेष्ठ और इशरत परवीन फारुखी का फैसला

चंदौली जिले में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा अपराधियों को सजा दिलाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत दो बड़ी सफलताएं प्राप्त हुई हैं। जनपद की पुलिस द्वारा की गई वैज्ञानिक विवेचना, अचूक साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजकों की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप न्यायालय ने गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के दो अलग-अलग अभियुक्तों को सजा और अर्थदंड से दंडित किया है।

गैंगस्टर प्रद्युम पटेल को 3 वर्ष का कारावास
पहला मामला जनपद के थाना नौगढ़ से संबंधित है। वर्ष 2023 में आरोपी प्रद्युम पटेल उर्फ गणेश (निवासी मिर्जापुर) के विरुद्ध अपराध संख्या 134/2023 के तहत धारा 3(1) यू.पी. गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा पंजीकृत किया गया था। इस मामले में मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी, एडीजीसी अवधेश कुमार पाण्डेय और थाना नौगढ़ के पैरोकार हेड कांस्टेबल सतीश कुमार गोयल ने न्यायालय में अत्यंत प्रभावी पैरवी की।

अचूक साक्ष्यों के आधार पर, 26 फरवरी 2026 को माननीय न्यायाधीश श्री पारितोष श्रेष्ठ (एडीजे/एफटीसी-द्वितीय) ने प्रद्युम पटेल को दोषी करार देते हुए 03 वर्ष के कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में दोषी को 7 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

एनडीपीएस एक्ट के अभियुक्त प्यारे लाल पर भी चला कानून का डंडा
दूसरा मामला थाना मुगलसराय से जुड़ा है, जो लगभग दो दशक पुराने मुकदमे के निस्तारण का प्रतीक है। वर्ष 2002 में प्यारे लाल (निवासी मुगलसराय) के विरुद्ध धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। लंबे समय तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद, मॉनिटरिंग सेल और पैरोकार हेड कांस्टेबल अश्वनी राय की सक्रियता से साक्षियों को न्यायालय में पेश किया गया।

दिनांक 27 फरवरी 2026 को माननीय न्यायाधीश श्रीमती इशरत परवीन फारुखी (मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चंदौली) ने आरोपी प्यारे लाल को दोषी पाते हुए जेल में बिताई गई अवधि व न्यायालय उठने तक की सजा और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। जुर्माना न भरने पर 4 दिन की अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया गया है।

अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
चंदौली पुलिस की इस सफलता ने यह स्पष्ट कर दिया है कि 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के माध्यम से पुराने और गंभीर मामलों के अपराधियों को सजा दिलाने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लेकर पुलिस अब विवेचनाओं को इतना मजबूत बना रही है कि अपराधियों का बच पाना नामुमकिन हो रहा है।

पुलिस अधीक्षक चंदौली के अनुसार, यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि जिले में अपराध मुक्त वातावरण सुनिश्चित किया जा सके और अपराधियों में कानून का खौफ पैदा हो।