चंदौली में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' का असर : तीन अलग-अलग मुकदमों में अपराधियों को मिली सजा, जानें सबके अपराध
चंदौली में पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' अभियान के तहत न्यायालय ने बड़ी कार्रवाई की है। सटीक साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के दम पर कोर्ट ने चोरी, अवैध हथियार और गिरोहबंदी के तीन अलग-अलग मामलों में तीन अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है।
ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान को बड़ी सफलता
तीन अलग-अलग मुकदमों में सजा का ऐलान
वैज्ञानिक विवेचना और मजबूत साक्ष्य संकलन
मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन की प्रभावी पैरवी
न्यायालय ने अपराधियों पर लगाया नकद अर्थदंड
चंदौली जिले में अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजने और उन्हें कड़ी सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे विशेष "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान को एक बार फिर बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस प्रशासन द्वारा की गई वैज्ञानिक विवेचना, मजबूत साक्ष्य संकलन और न्यायालय में की गई बेहद प्रभावी पैरवी के फलस्वरूप माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) जनपद चंदौली की अदालत ने तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों से जुड़े मुकदमों में तीन अभियुक्तों को दोषी सिद्ध करते हुए सजा सुनाई है।
सैयदराजा के गिरोहबंदी मामले में नन्हकू दोषी
पहले मामले के अंतर्गत थाना सैयदराजा पर पंजीकृत वर्ष 2004 के एक पुराने मुकदमे (मु0अ0सं0- 184/2004) में धारा 401 भादवि (चोरों के गिरोह का सदस्य होना) के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले में न्यायालय ने अभियुक्त नन्हकू सोनी पुत्र अदालती सोनी, निवासी वार्ड नंबर 10, कस्बा सैयदराजा, जनपद चंदौली को दोषी करार दिया है।
अदालत ने अभियुक्त को उसके द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 1000 रुपये का नकद अर्थदंड भी लगाया गया है। यदि दोषी अभियुक्त द्वारा अर्थदंड की राशि अदा नहीं की जाती है, तो उसे 03 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
आर्म्स एक्ट में अमरनाथ को मिली सजा
इसी क्रम में दूसरे मामले के तहत थाना मुगलसराय पर वर्ष 2007 में दर्ज किए गए एक केस (मु0अ0सं0- 57/2007) में धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले में कोर्ट ने अभियुक्त अमरनाथ पुत्र महेंद्र, निवासी महावलपुर, थाना मुगलसराय, जनपद चंदौली को अवैध हथियार रखने का दोषी पाया है।
न्यायालय ने अमरनाथ को भी जेल में बिताई गई अवधि की सजा से दंडित किया है। साथ ही उस पर 1000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न देने की स्थिति में उसे 04 दिनों की अतिरिक्त जेल काटनी पड़ेगी।
चोरी के पुराने मामले में ज्ञानी जायसवाल को दंड
तीसरा मामला भी थाना मुगलसराय से जुड़ा हुआ है, जहाँ वर्ष 1999 के एक काफी पुराने मुकदमे (मु0अ0सं0- 40/1999) में धारा 379 और 411 भादवि (चोरी और चोरी का माल बरामद होना) के तहत केस दर्ज था। इस मामले में अदालत ने अभियुक्त ज्ञानी जायसवाल पुत्र नरेंद्र जायसवाल, निवासी काली महाल, थाना मुगलसराय, जनपद चंदौली को दोष सिद्ध ठहराया है।
माननीय कोर्ट ने ज्ञानी जायसवाल को जेल में बिताई गई अवधि की सजा के साथ-साथ 2000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड की राशि का भुगतान न करने पर दोषी को 04 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतने के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस और अभियोजन अधिकारी की सराहना
इन तीनों ही महत्वपूर्ण मामलों में अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुंचाने और सजा दिलाने में पुलिस विभाग की मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन अधिकारी श्री मनीष कुमार (एसपीओ) तथा थाना मुगलसराय पुलिस टीम की बेहद शानदार और प्रभावी पैरवी रही, जिसकी विभागीय स्तर पर काफी सराहना की जा रही है।