ऑपरेशन कन्विक्शन में मिली सजा : सैयदराजा और मुगलसराय थाने के अभियुक्तों को कोर्ट ने सुनाई सजा

 

चंदौली जिले में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत पुलिस की सटीक पैरवी का असर दिखने लगा है। गोवध अधिनियम और आर्म्स एक्ट के दो अलग-अलग मामलों में माननीय न्यायालय ने अभियुक्तों को अर्थदंड और कारावास की सजा सुनाई है।

 
 

चंदौली में ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान जारी

गोवध अधिनियम के दोषी को सजा

आर्म्स एक्ट के आरोपी पर अर्थदंड

पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना और पैरवी

प्रभावी साक्ष्य संकलन से हुई दोषसिद्धि

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार चलाए जा रहे "ऑपरेशन कन्विक्शन" अभियान के तहत चंदौली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। जनपद में पुलिस की वैज्ञानिक विवेचना, अचूक साक्ष्य संकलन और लोक अभियोजक की प्रभावी पैरवी के चलते दो अलग-अलग आपराधिक मामलों में अभियुक्तों को सजा दिलाई गई है। यह अभियान गंभीर अपराधों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश भर में चलाया जा रहा है।

सैयदराजा थाना क्षेत्र: गोवध अधिनियम के दोषी को दंड
मामला वर्ष 2004 का है, जब सैयदराजा थाना क्षेत्र में गोवध निवारण अधिनियम और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। अभियुक्त सोहन लाल, निवासी प्रयागराज के विरुद्ध अपराध संख्या 218/2004 के तहत कार्रवाई की गई थी।

इस मामले में मॉनिटरिंग सेल के प्रभारी निरीक्षक मुकेश तिवारी, एपीओ नितिन तिवारी और थाना सैयदराजा के पैरोकार कान्स्टेबल राजीव कुमार प्रजापति ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर दिनांक 18 मार्च 2026 को माननीय न्यायालय पीठासीन अधिकारी सुश्री शिवानी (सिविल जज जू.डि./एफटीसी प्रथम) ने अभियुक्त सोहन लाल को जेल में बिताई गई अवधि और 1600 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर अभियुक्त को 7 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

मुगलसराय थाना क्षेत्र: आर्म्स एक्ट के आरोपी पर कार्रवाई
दूसरा मामला थाना मुगलसराय से संबंधित है, जहाँ वर्ष 2010 में चिन्टू कुमार के विरुद्ध आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 के तहत मुकदमा (अपराध संख्या 162/2010) दर्ज किया गया था। इस पुराने मामले में भी पुलिस ने 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत त्वरित पैरवी सुनिश्चित की।

निरीक्षक मुकेश तिवारी, एसपीओ मनीष कुमार और हेड कान्स्टेबल अश्वनी कुमार राय के प्रयासों से साक्ष्यों को मजबूती से कोर्ट में रखा गया। इसके परिणामस्वरूप, माननीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती इशरत परवीन फारुखी ने अभियुक्त चिन्टू कुमार को न्यायालय उठने तक की सजा और 500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 01 दिन का अतिरिक्त कारावास देय होगा।

क्या है ऑपरेशन कन्विक्शन?
आपको बता दें कि "ऑपरेशन कन्विक्शन" उत्तर प्रदेश पुलिस की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य जघन्य अपराधों, गोकशी, महिला उत्पीड़न और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में अपराधियों को कम से कम समय में सजा दिलाना है। चंदौली पुलिस द्वारा की जा रही यह कार्रवाई अपराधियों के मनोबल को तोड़ने और आम जनता में कानून के प्रति विश्वास जगाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इसी तरह वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर प्रभावी पैरवी जारी रहेगी ताकि किसी भी अपराधी को बख्शा न जा सके।