दुबई में रह रहे युवक के खाते से ₹2.76 लाख उड़ाने वाला शातिर गिरफ्तार, चंदौवी पुलिस ने ऐसे दबोचा

 

चंदौली की बलुआ पुलिस और साइबर सेल ने UPI के जरिए ₹2.76 लाख की ठगी करने वाले आरोपी विशाल पटेल को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने विदेश (दुबई) में रह रहे खाताधारक के बैंक अकाउंट में फर्जी मोबाइल नंबर जोड़कर इस वारदात को अंजाम दिया था।

 
 

दुबई से लौटे पीड़ित के खाते से ₹2,76,362.50 की साइबर ठगी

फर्जी तरीके से मोबाइल नंबर जोड़कर बनाई गई थी UPI आईडी

बलुआ पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को मिली बड़ी सफलता

मुगलसराय के सकलडीहा टैक्सी स्टैंड के पास से अभियुक्त गिरफ्तार

ठगी के पैसों से आरोपी ने बनवाया मकान और खरीदा घरेलू सामान

 

चंदौली जिले की बलुआ थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम को ऑनलाइन ठगी के मामले में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने यूपीआई (UPI) के माध्यम से एक खाताधारक के बैंक अकाउंट से ₹2,76,362.50 की धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी ने बड़ी चालाकी से पीड़ित की अनुपस्थिति में उसके बैंक खाते से फर्जी तरीके से मोबाइल नंबर लिंक कर इस वारदात को अंजाम दिया था।

यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब बलुआ थाना क्षेत्र के ग्राम पुरवाँ नादी निवासी दिनेश निषाद पुत्र राजकुमार निषाद ने 8 मई 2026 को थाने में लिखित तहरीर दी। पीड़ित दिनेश निषाद सितंबर 2021 में रोजगार के सिलसिले में दुबई चले गए थे। जब वे अप्रैल 2026 में वापस भारत लौटे और अपने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (शाखा रामगढ़) के खाते की केवाईसी (KYC) अपडेट कराने बैंक पहुंचे, तब उन्हें इस बड़ी ठगी का पता चला।

फर्जी मोबाइल नंबर और कूट रचित UPI पिन से खाली किया खाता
बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित की अनुपस्थिति में अज्ञात व्यक्ति द्वारा उनके खाते से एक नया मोबाइल नंबर जोड़ दिया गया था। इसके बाद बिना एटीएम कार्ड के ही डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर फर्जी यूपीआई आईडी और पिन तैयार किया गया। शातिर ठग ने अलग-अलग तारीखों में बैंक खाते में सेंध लगाकर कुल ₹2.76 लाख से अधिक की धनराशि उड़ा ली। पीड़ित की तहरीर पर बलुआ पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

उच्चाधिकारियों के निर्देश पर बलुआ थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह और साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाकर अभियुक्त विशाल पटेल (उम्र करीब 24 वर्ष) पुत्र राकेश पटेल को मुगलसराय के सकलडीहा जाने वाले टैक्सी स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया। अभियुक्त मूल रूप से रायपुरकला, थाना सुजानगंज, जनपद जौनपुर का रहने वाला है।

पूछताछ में खुला राज: ठगी की रकम से बनवाया अपना मकान
पुलिस लाइंस में हुई पूछताछ के दौरान अभियुक्त विशाल पटेल ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए। आरोपी ने बताया कि उसने नवंबर 2025 में अपने नाम पर एक सिम कार्ड लिया था। इसके बाद उसने फर्जी तरीके से फोन पे (PhonePe) पर यूपीआई आईडी और पिन सेट किया। शुरुआत में उसने परीक्षण के लिए एक-एक रुपया डालकर खाते की जांच की। जब उसे पूरा भरोसा हो गया कि सिस्टम काम कर रहा है, तो उसने पीड़ित के खाते से रकम निकालनी शुरू कर दी।

आरोपी ने सतर्कता बरतने और पुलिस की नजरों से बचने के लिए अपने परिचितों अकबर खान (सीएससी संचालक), शंकर लाल, अंकित पटेल और आशीष कुमार के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। वह बहाने बनाकर पैसे उनके खातों में ट्रांसफर करता और फिर नकद निकाल लेता था। पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने इस अवैध कमाई से अपने लिए एक मकान का निर्माण कराया और घर की जरूरत के कई कीमती सामान भी खरीदे।

सराहनीय कार्य करने वाली संयुक्त पुलिस टीम
इस ब्लाइंड साइबर फ्रॉड का सफल खुलासा करने वाली संयुक्त टीम में थानाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह , प्रभारी साइबर सेल उपनिरीक्षक मिर्जा रिजवान बेग और निरीक्षक सलिल स्वरूप आदर्श  शामिल रहे। इसके अलावा उपनिरीक्षक जमीलुद्दीन खान, उपनिरीक्षक अभिषेक शुक्ला, हेड कांस्टेबल पवन कुमार और कांस्टेबल मनोज चौहान ने भी इस शातिर अपराधी को सलाखों के पीछे भेजने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी है।