नकली फाइनेंस कंपनी खोलकर पूरे देश में ठगी करने वाला 25 हजार का इनामी शातिर अरेस्ट, 16 राज्यों की खोज रही थी पुलिस

चंदौली साइबर क्राइम पुलिस और सर्विलांस टीम ने 'सत्कार निधि लिमिटेड' फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाकर करोड़ों की ठगी करने वाले 25,000 रुपये के इनामी अभियुक्त आशीष गैलवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया है।

 

25 हजार का इनामी अभियुक्त गिरफ्तार

सत्कार निधि लिमिटेड फर्जी कंपनी फ्रॉड

चंदौली साइबर सेल और सर्विलांस कार्रवाई

1.42 करोड़ रुपये साइबर फ्रॉड होल्ड

चंदौली जिले की साइबर क्राइम थाना पुलिस और सर्विलांस टीम को ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस टीम ने फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाकर देशभर के लोगों से करोड़ों रुपये ठगने वाले गिरोह के 25,000 रुपये के इनामी वांछित अभियुक्त आशीष गैलवार को लखनऊ से धर दबोचा है।

25 हजार का इनामी अभियुक्त गिरफ्तार
सत्कार निधि लिमिटेड फर्जी कंपनी फ्रॉड
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— Chandauli Samachar (@chandaulinews) September 16, 2026


कम ब्याज पर लोन का झांसा देकर ठगी का खेल
थाना साइबर क्राइम की जांच में सामने आया कि आरोपी 'सत्कार निधि लिमिटेड' और अन्य फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दरों पर लोन देने का लालच देते थे। सोशल मीडिया और मोबाइल कॉल के जरिए जाल में फंसाकर प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी और इंश्योरेंस चार्ज के नाम पर अलग-अलग खातों में रकम जमा करा ली जाती थी।

16 शिकायतें दर्ज और 1.42 करोड़ रुपये की रकम होल्ड
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और समन्वय पोर्टल की जांच में पता चला कि इस गैंग के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 16 शिकायतें दर्ज हैं। इसके अलावा नोएडा (गौतमबुद्धनगर) में भी इनके खिलाफ केस दर्ज है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े खातों में ठगी के करीब 1,42,00,000 रुपये (1.42 करोड़ रुपये) पहले ही होल्ड कराए हैं।

जून में हुआ था दफ्तर का भंडाफोड़
साइबर थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि चंदौली में एक गुप्त कार्यालय बनाकर इस गैंग को चलाया जा रहा है। 12 जून 2026 को पुलिस ने छापा मारकर गिरोह के तीन सदस्यों (वीरेंद्र कुमार, आशीष पटवा और सोनी) को गिरफ्तार किया था। उनके पास से 350 पासबुक, 21 रजिस्टर, सीपीयू, प्रिंटर और फर्जी मोहरें बरामद की गई थीं।

सर्विलांस की मदद से लखनऊ के चिनहट से हुई गिरफ्तारी
मुख्य आरोपी आशीष गैलवार (निवासी फर्रुखाबाद) घटना के बाद से ही फरार चल रहा था और उस पर 25,000 रुपये का इनाम घोषित था। 15 सितंबर 2026 की रात साइबर सेल प्रभारी मिर्जा रिजवान बेग और सर्विलांस टीम ने मोबाइल लोकेशन ट्रेस करते हुए आरोपी को लखनऊ के थाना चिनहट क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस की आम जनता से खास अपील
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह साइबर फ्रॉड के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराता था। पुलिस ने उसके पास से एक की-पैड मोबाइल बरामद किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी अनजान संस्था के बहकावे में आकर लोन या निवेश के नाम पर पैसे जमा न करें। ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।